भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती ने छुड़ाए पसीने, ग्रामीण क्षेत्रों में हाहाकार

भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती ने छुड़ाए पसीने, ग्रामीण क्षेत्रों में हाहाकार

  • बिजली की किल्लत का सबसे बुरा असर किसानों पर पड़ रहा है,, फसलों को नही मिल रहा पानी

देवबंद। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले सहित देवबंद क्षेत्र में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है पारा 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है ऐसे में भीषण गर्मी के बीच देवबंद विद्युत आपूर्ति कार्यालय के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाकों में घोषित और अघोषित बिजली कटौती ने आम जनमानस और किसानों का जीना मुहाल कर दिया है।

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​ग्रामीणों का आरोप है कि दिन के समय घंटों तक बिजली गायब रहती है, और यदि आती भी है तो बार-बार होने वाली ट्रिपिंग (आने-जाने) के कारण बिजली के उपकरण फुंक रहे हैं रात के समय लो-वोल्टेज की समस्या के कारण पंखे और कूलर भी हवा नहीं दे पा रहे हैं जिससे बच्चों और बुजुर्गों का गर्मी में बुरा हाल है।

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जिन ग्रामीण फीडरों में बिजली कटौती की सबसे ज्यादा मार पड़ रही है, उनमें मुख्य रूप से भायला और भायला रोड क्षेत्र यहाँ औद्योगिक इकाइयों और खेती के लोड के कारण घरेलू बिजली की भारी कटौती हो रही है रंखंडी क्षेत्र में अघोषित कटौती का समय सबसे लंबा बताया जा रहा है वहीँ साखन कलां व खुर्द मे वोल्टेज की समस्या और जर्जर लाइनों के कारण बार-बार फॉल्ट हो रहे हैं बड़गांव मार्ग के ग्रामीण इलाकों मेभी रोस्टर के अनुसार आपूर्ति नहीं मिल पा रही है नया गांव और जड़ौदा पांडा मे रात के समय घंटों बिजली गायब रहने से लोग रतजगा करने को मजबूर हैं।

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​बिजली की किल्लत का सबसे बुरा असर किसानों पर पड़ रहा है इस समय फसलों को पानी की सख्त जरूरत है, लेकिन बिजली न मिलने के कारण ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे हैं किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो उनकी मेहनत की फसलें गर्मी की भेंट चढ़ जाएंगी।

रिपोर्ट - दीन रज़ा








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