ईदगाह के नाम पर चंदा गैंग सक्रिय, निशाने पर नगर की मुख्य शख्सियतें
- देवबंद नगर को क्लीन एंव ग्रीन तथा गड्ढा मुक्त कर , समस्त नालियों के चैनर लगवा के , मदनी मस्जिद का नाम बदल कर , हार्ट का अस्पताल बनाने के बाद अब देवबंद ईदगाह मे होगी इण्टर लॉकिंग
देवबंद । ईदगाह मे ईद की नमाज़ को लेकर विवाद होना आज के समय मे नॉर्मल बात हो गई है ईद की नमाज़ से पहले शांति समिति की बैठक और शांति संवाद मे थाने और चोकीयों की कुर्सीयाँ भरने वाले देवबंद नगर के शांति के दूत सेल्फी लेकर अपने सोशल मीडिया पर डीपी लगाने के अलावा कुछ और नही कर पाते ईद की नमाज़ से पहले माहौल बनाया जाता है सड़कों पर नमाज ना हो इसके लिए बैठकों का आयोजन होता है लेकिन दो बूंद बारिश सारे इंतेज़ाम पर पानी फ़ेर देती है।
देवबंद मे बह रही विकास की गंगा. फ़िर भी नही दिख रहा विकास
इसके बाद नगर के बुद्धिजीवियों की कोई बैठक आयोजित नही होती ना कोई संवाद होता है यदि कुछ होता है तो विवाद ईदगाह कमेटी मे फ़ूट डालने का काम किया जाने लगता है नतीज़े मे इस्तीफ़े भी होने लगते हैं यहीं से चंदा गैंग को अपनी गुल्लक भरने का सुनहरा अवसर दिखाई देना लगता है और देवबंद ईदगाह पहुँचने का आव्हान किया जाने लगता है मगर बड़ा सवाल ये है कि क्य़ा ईदगाह कमेटी सहित नगर के एक से एक धन्नासेठों के होते हुए सेंकड़ों भावी प्रत्याशियों सहित नगर के जिम्मेदारों और बुद्धिजीवियों को क्या देवबंद नगर की या मुस्लिम समुदाय की समस्याओं की चिंता है।
साप्ताहिक बाजार लगाने के बुहत से स्थान देवबंद मे मौजूद हैं
बात करें ईदगाह देवबंद की तो ईद के अगले दिन ही देवबन्द के युवाओं को उसी ईदगाह मे क्रिकेट खेलते हुए हज़ारो देवबंद वासियों ने देखा होगा मगर इस से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता है पूरी ईदगाह बाउंड्री मे कैद होने से कोई फर्क नहीं पड़ता ईदगाह का मैदान छोटा है इस से फर्क़ नही पड़ता है ईदगाह के आकार पर कोई चर्चा नही होती रही बात ईद की नमाज़ की तो ये आप जानते हैं कि ईदगाह मे ईद की नमाज़ ना होने का कारण ईदगाह का छोटा होना है जिस वज़ह से 25 से 35 हजार की भीड़ को नियंत्रित करना कोई आसान काम नहीं है तो आप सभी देवबंद वासियों को यदि ईदगाह मे नमाज अदा करना है तो ईदगाह को किसी खुले मैदान मे शिफ्ट करने पर विचार करना चाहिए।
अतिक्रमण ही नही ख़ानक़ाह पुलिस चौकी क्षेत्र मे लाखों रूपय का जुआ सट्टा भी होता है
रही बात गुल्लक गैंग के चिंटूआओं की तो इस गैंग का इतिहास काफी पुराना है आप सभी देवबंद नगर वासियों को बख़ूबी मालूम है कि इसी गैंग के लोगों ने शहर के सम्मानित लोगों को ब्लैकमेल करने लाछंन लगाने के घिनौने अपराधों को कभी नेतागिरी तो कभी पत्रकारिता का चोला ओढ़ अंजाम दिया है नगर के स्वास्थ्य संस्थानों के कार्य मे बाधा डाली है मस्जिदों के निर्माण तक मे अपना गुल्लक रख चंदा लूटा है मस्जिद के निर्माण मे कोई योगदान आज तक नही दिया हालांकि मस्जिद का निर्माण कार्य अभी भी जारी है।
शेष क्रमशः


