देवबंद के आम रास्ते या ‘VIP’ पार्किंग? देवबंद का हाल रास्ता बंद, रसूख बुलंद

देवबंद के आम रास्ते या ‘VIP’ पार्किंग? देवबंद का हाल रास्ता बंद, रसूख बुलंद

  • आपातकाल में कैसे निकलेगी एम्बुलेंस? देवबंद की इस अवैध पार्किंग का ज़िम्मेदार कौन?
  • व्यवस्था की खुली पोल ​नियमों को ठेंगा, देवबंद की गलियों का दम घोंटती अवैध पार्किंग

देवबंद। कहने को तो रास्ते इसलिए बनाए जाते हैं ताकि लोग एक जगह से दूसरी जगह आसानी से आ-जा सकें। लेकिन अगर आप देवबंद नगर की अंदरूनी गलियों और चौकों का चक्कर काटेंगे, तो आपको लगेगा कि ये रास्ते आम जनता के चलने के लिए नहीं, बल्कि रसूखदारों की गाड़ियों को पार्क करने के लिए सरकारी मुफ़्त की ज़मीन हैं ​ताज़ा मामला भायला रोड़ के नजदीक का है, जहाँ रात के सन्नाटे में खींची गई यह तस्वीर देवबंद की पूरी यातायात और पार्किंग व्यवस्था की पोल खोल कर रख देती है।

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​जरा ऊपर दी गई तस्वीर को ध्यान से देखिए एक सफ़ेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी (नंबर: UK08P7700) गली के ठीक बीचों-बीच इस तरह खड़ी है कि पीछे 'VIP' का टैग लगाने की ज़रूरत ही नहीं पड़ी उसका अंदाज़ ही बता रहा है कि उसे किसी नियम-क़ायदे का डर नहीं है गाड़ी के एक तरफ मकान के चबूतरे और निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी हैं, तो दूसरी तरफ निर्माणाधीन दीवार के खंभे हैं। बीच का पूरा रास्ता इस एक गाड़ी ने घेर रखा है।

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​इश्वर न करे, अगर रात के समय इस गली में कोई मेडिकल इमरजेंसी हो जाए या आग लग जाए तो एम्बुलेंस या दमकल की गाड़ी तो दूर, एक मोटरसाइकिल भी यहाँ से पार नहीं हो सकती है क्या देवबंद के रास्ते सिर्फ़ तथाकथित वीआईपी लोगों के वाहन पार्क करने के लिए रह गए हैं? क्या आम नागरिकों का इन सड़कों पर कोई अधिकार नहीं है?

​यह सवाल हर उस देवबंद वासी का है जो रोज़ इन संकरी गलियों में जाम से जूझता है व्यवस्था बिल्कुल बदल सकती है, लेकिन इसके लिए दो चीज़ों की सख़्त ज़रूरत है जब तक नगर पालिका और स्थानीय पुलिस ऐसी अवैध पार्किंग पर भारी जुर्माना लगाना या गाड़ियाँ क्रेन से उठाना शुरू नहीं करेगी तब तक लोगों के मन में क़ानून का डर पैदा नहीं होगा चाहे गाड़ी कितनी भी 'VIP' क्यों न हो, नियम सबके लिए बराबर होने चाहिए।

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बदलाव सिर्फ सरकार के भरोसे नहीं आता अगर हमारे पास बड़ी गाड़ी खरीदने का पैसा है तो हमें उसकी पार्किंग के लिए भी जगह का इंतज़ाम करना चाहिए अपनी सुविधा के लिए पूरी गली को बंधक बना देना कहाँ की समझदारी है? ​देवबंद एक ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित नगर है यहाँ की सड़कों को 'पार्किंग लॉट' बनने से रोकना बेहद ज़रूरी है अगर आज हम और आप इस पर आवाज़ नहीं उठाएंगे, तो आने वाले समय में पैदल चलना भी दूभर हो जाएगा देवबंद की अन्य गलियों को इस VIP अतिक्रमण से मुक्ति मिलेगी? या फिर आम जनता इसी तरह रास्ते बंद होने का दर्द झेलती रहेगी? ​आपकी इस मुद्दे पर क्या राय है? क्या आपके मोहल्ले में भी यही हाल है? नीचे दिए गए watsaap लिंक पर जाएं और विडिओ फ़ोटो watsaap पर भेजें। 

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