चोर बेलगाम, अफसर भ्रष्ट! भाकियू ने सहारनपुर प्रशासन को घेरा, सौंपा ज्ञापन।
- भाकियू मीडिया प्रभारी उस्मान मलिक की चेतावनी किसानों को लूटना बंद करे प्रशासन, नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन
- खेतों से मोटर चोरी और बॉर्डर से नशे की तस्करी! देवबंद थाना क्षेत्र में आखिर क्या कर रही है पुलिस?
- सरकारी लेखपाल या वसूली का अड्डा? देवबंद तहसील के इस बड़े खेल का भाकियू ने किया पर्दाफाश!
देवबंद । क्षेत्र के किसानों की सुलगती समस्याओं और प्रशासन की कथित अनदेखी को लेकर आज भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने मोर्चा खोल दिया है। तहसील देवबंद में आयोजित मासिक बैठक के बाद संगठन ने सीधे जिले के आला अधिकारियों को घेरते हुए एक मांग पत्र सौंपा है, जिसमें भ्रष्टाचार से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।
इलाज या सौदा? सड़क हादसे में घायल पत्रकार का डॉक्टर पर घोर लापरवाही और ब्लैकमेलिंग का संगीन आरोप
भारतीय किसान यूनियन के चौ० पहल सिंह ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का तुरंत निवारण नहीं हुआ, तो संगठन चुप नहीं बैठेगा। आज दिनांक 18 जून 2026 को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की एक अहम मासिक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष देवबंद चौ० पहल सिंह ने की। बैठक में क्षेत्र भर से आए किसानों ने अपनी उन बुनियादी दिक्कतों को सामने रखा, जिससे उनका जीना मुहाल हो चुका है। बैठक के बाद यूनियन की तरफ से जिला अधिकारी (DM) सहारनपुर को संबोधित एक ज्ञापन तैयार कर प्रशासन को अवगत कराया गया।
देवबंद के आम रास्ते या ‘VIP’ पार्किंग? देवबंद का हाल रास्ता बंद, रसूख बुलंद
मंडल मीडिया प्रभारी चौ० उस्मान मलिक ने मीडिया को दी जानकारी मे बताया कि तहसील देवबंद में लेखपालों (पटवारियों) का भ्रष्टाचार इस वक्त चरम पर है बिना रिश्वत या 'सुविधा शुल्क' दिए किसानों का कोई भी जायज काम नहीं हो रहा है आलम यह है कि लेखपाल न तो गांवों का दौरा करते हैं और न ही परेशान किसानों के फोन उठाना जरूरी समझते हैं तो वहीँ किसानों के खेतों पर लगे ट्यूबवेलों से लगातार बिजली की मोटरें चोरी हो रही हैं। क्षेत्र में चोरों का गिरोह पूरी तरह सक्रिय है लेकिन स्थानीय पुलिस उन्हें पकड़ने में नाकाम साबित हो रही है इस कानून-व्यवस्था की विफलता के कारण किसान रात-दिन डर के साए में जीने को मजबूर हैं। एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला आरोप लगाते हुए यूनियन ने कहा कि सरकारी लेखपालों ने अपना काम करने और किसानों से अवैध रिश्वत ऐंठने के लिए 'प्राइवेट नौकर' (प्राइवेट पटवारी) रख छोड़े हैं उस्मान मलिक ने मांग की है कि इस 'प्राइवेट पटवारी' नेटवर्क की गहन जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ तुरंत F.I.R. (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज कराई जाए।
देवबंद की काली रातें सिस्टम के अंधेरे में दम तोड़ता जनजीवन, पसीने से तर-बतर देवबंद
युवा पीढ़ी की बर्बादी पर चिंता जताते हुए ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तराखंड बॉर्डर स्थित दुगचाड़ी पुलिस चौकी के रास्ते बड़े पैमाने पर नशे की तस्करी की जा रही है। इससे क्षेत्र की युवा पीढ़ी अंधकार में डूब रही है। संगठन ने इस पर तत्काल कड़ा संज्ञान लेने और नशा तस्करों के सिंडिकेट को ध्वस्त करने की मांग की है।
नगरपालिका देवबंद के एजेंडे से जनता की प्यास गायब! कागजों पर जनरेटर, धरातल पर हाहाकार
आज का किसान हर तरफ से पिस रहा है। एक तरफ चोर उसकी गाढ़ी कमाई की मोटरें चुरा रहे हैं, तो दूसरी तरफ तहसील में बैठे भ्रष्ट अधिकारी और उनके पाले हुए दलाल किसानों को लूट रहे हैं। उत्तराखंड बॉर्डर से हो रही नशे की तस्करी हमारे बच्चों का भविष्य निगल रही है। हम जिला अधिकारी महोदय से मांग करते हैं कि इन चारों बिंदुओं पर तुरंत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, अन्यथा भारतीय किसान यूनियन अपने अंदाज में आंदोलन के लिए मजबूर होगी। चौ० उस्मान मलिक (मंडल मीडिया प्रभारी, भाकियू)
इस मौके पर तहसील अध्यक्ष देवबंद चौ० पहल सिंह, उस्मान मलिक, भूरा त्यागी, ललित कुमार, योगेन्द्र पप्पू, विनोद सहित भारी संख्या में यूनियन के पदाधिकारी और स्थानीय किसान मौजूद रहे।
रिपोर्ट - दीन रज़ा






