देवबंद की काली रातें सिस्टम के अंधेरे में दम तोड़ता जनजीवन, पसीने से तर-बतर देवबंद
- एक महीने से 'बीमार' है सिस्टम।क्या 'जेबें गर्म' करने की हो रही है तय्यारी
- जुगाड़ पर टिका देवबंद का बिजली तंत्र 10 का काम 5 से चलाने की कोशिश
देवबंद। जिस शहर को अब नए नए व्यापार के लिए जाना जाता है आज वह बिजली विभाग की तानाशाही और निकम्मेपन की बेड़ियों में जकड़ा हुआ है दिन के उजाले में व्यापार ठप है और रातों की नींद हराम हो चुकी है देवबंद विद्युत विभाग का रवैया इन दिनों उपभोक्ताओं के साथ किसी अपराधी जैसा है जहाँ सुविधा के नाम पर केवल अंधेरा और विजिलेंस की छापेमारी परोसी जा रहा है।
भीषण कटौती का असली केंद्र सांपला रोड स्थित बिजली घर बना हुआ है विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यहाँ लगा 10MVA का ट्रांसफार्मर पिछले एक महीने से फुंका पड़ा है लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि इस गंभीर खराबी की खबर न तो हेडक्वार्टर को है और न ही एमडी तक पहुँचने दी जा रही है।
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जानकारी मिली है कि स्थानीय अधिकारियों (XEN से लेकर SDO तक) और लाइनमैनों की मिलीभगत से इस खराबी को छिपाया जा रहा है आखिर क्यों? क्या यह एमडी की फटकार से बचने की कोशिश है या इसके पीछे कोई बड़ा 'आर्थिक लाभ' छिपा है? इसको आप सभी नगर वासी बखूबी समझते होंगे।
10MVA के ट्रांसफार्मर के खराब होने के कारण अब सारा बोझ छोटे 5MVA के ट्रांसफार्मरों पर डाल दिया गया है। नतीजा? सिस्टम बार-बार ट्रिप हो रहा है और एक इलाके की लाइट काटकर दूसरे को दी जा रही है बिजली के अभाव में देवबंद का स्थानीय व्यापार पूरी तरह ठप होने की कगार पर है।
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शहर के गलियारों में चर्चा आम है कि विभागीय अधिकारी इस खराबी को जानबूझकर लंबा खींच रहे हैं सूत्र बताते हैं कि इसके पीछे का असली खेल भ्रष्टाचार की गंगा में हाथ धोना है मरम्मत के नाम पर या फिर अन्य रास्तों से अपनी जेबें गर्म करने की फिराक में बैठे ये अधिकारी जनता के पसीने की बूंदों से अपना महल खड़ा कर रहे हैं।
जनता जिन सवालों के जवाब चाहती है उनके ज़वाब शायद ही जनता को मिल पाएंगे जेसे एक माह बीत जाने के बाद भी 10MVA का ट्रांसफार्मर बदला क्यों नहीं गया? क्या उच्च अधिकारियों (MD) को गुमराह करना पद का दुरुपयोग नहीं है? उपभोक्ताओं से बिल वसूलने वाला विभाग उन्हें बिजली देने के बजाय 'अंधेरे' में क्यों रख रहा है?
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देवबंद की जनता अब त्राहि-त्राहि कर रही है। यदि जल्द ही सांपला रोड बिजली घर की स्थिति नहीं सुधरी और दोषी अधिकारियों पर गाज नहीं गिरी, तो वह दिन दूर नहीं जब जनता सड़कों पर उतरकर इस 'विद्युत तानाशाही' का हिसाब चुकता करेगी। खबर पर हमारी नजर बनी रहेगी और देवबंद क्षेत्र को अंधेरे में धकेलने वाले अधिकारियों और जिम्मेदारों नाम भी आपके सामने लाए जाएंगे।
रिपोर्ट - दीन रज़ा



