विश्व विख्यात देवबंद नगर की शान कुड़ा कचरा और कुत्ते

सफाई अभियान के दौरान फ़िर से लगवा दें काग़ज़ी डस्टबीन, कचरा नगर में शायद इस से कोई सुधार हो जाए 

  • विश्व विख्यात देवबंद नगर की शान बन है कुड़ा कचरा और कुत्ते, नगर पालिका मे बनी कुत्ता कमेटी की भूमिका की हो जांच 
  • नगर गंदगी मे रहने को ही समझता है अपनी उपलब्धि, जात-पात मे बंटे हुए समझ को नहीं पड़ता कोई फ़र्क 
  • निकाय चुनाव के मद्देनजर घर घर जाकर सरकार का गुणगान करने का अभियान तो नहीं है जागरुकता अभियान....? 

दैनिक बुलन्द भारत -- ब्यूरो सहारनपुर

दीन रज़ा सिद्दिकी 


देवबंद-- जेसा की आप सभी जानते हैं कि 1 फ़रवरी से 31 मार्च तक अधिशासीधिकारी नगर पालिका देवबंद के दिशानिर्देशों से सफाई एवं जागरुकता अभियान चलाया जा रहा अफवाहें हैं कि G20 मे आने वाले सभी विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्य देवबंद के निरीक्षण को आ सकते हैं। 

शायद इसी कारण सफाई का ख्याल नगर पालिका को आया होगा और फोटोग्राफी के माध्यम से सफाई दिखा कर मीडिया मे ख़बरें प्रकाशित करा कर नगर को नंबर बना देने का लक्ष्य रखा गया है एसा हम समय की मांग को ध्यान में रखते हुए कह रहे हैं। 

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हर गली के चौक पर बिजली के खंभों के नीचे लगी छोटी छोटी कुडीयां नगर की सुंदरता मे चार चांद लगाए हुए हैं बीते दिनों चलाए जा रहे अभियान से कितनी सफ़ाई नगर मे हुई है ये बताने की आवश्यकता नहीं है आप समय निकाल कर ख़ुद भी चैक कर सकते हैं। 

जागरुकता अभियान को नज़र मे रखते हुए सफाई विभाग को नगर की जनता को बताना चाहिए बीते 5 सालों मे कितने डस्टबीन शहर मे लगाए गए हैं हाँ मेरा देवबंद नम्बर 1 के विज्ञापन दिशा सूचक बोर्डों तक पर लगा दिए गए थे बस उन पर गंदगी मे नंबर 1 है ये नहीं लिखा था। 

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जब जागरुकता अभियान चलाया ही जा रहा है तो जरूरी है कुड़ा कलेक्शन करने की नगर पालिका ने कोई रणनीति बनाई हो तो वो भी जनता तक पहुंचा दें क्यूंकि 50 रुपए मे कलेक्शन करने वाले एनजीओ के रेडे भी नगर से ग़ायब हो गाए हैं। 

जनता कचरा कहाँ डाले इसके लिए जो जगह चिन्हित की हो उसका ब्योरा भी नगर की जनता तक बड़े बड़े विज्ञापन लगा कर दे सकते हैं घर घर जाने की झंझट पालने की क्या जरूरत है जनता इतनी भी मुर्ख नहीं है। 

मुहल्ला लाम, बैरीयान, पठानपूरा, अबुलमाली, रहमान कालोनी, ख़ानकाह, बडजियाउलह्क, कोला बस्ती, दगडा, बैरुन कोटला, लैह्सवाडा, टाकान, तहसील, इमामबाडा, शाहबुखारी, केस्थवाडा, मजनू वाला रोड़, रेल्वे रोड, सराय पीरजादगान, शाजीलाल, सहित नगर का कोई कोना कचरे और कुत्तों से खाली नहीं है।

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