देवबंद अपूर्ति विभाग की भेदभावपूर्ण नीति से त्रस्त देहात क्षेत्र की जनता
- क्यूं नहीं हो सकती राशन डीलर राजकुमार पर कोई कारवाई...अधिकारियों और चिंटूआओं का संरक्षण जो प्राप्त है
- दो सालों से दूसरे गाँव मे धक्के खा रहे ग्राम नूनाबडी के 800 कार्ड धारक
- दोहरे बर्ताव के चलते काटे गए 858 यूनिट का आज तक नहीं हो पाया कोई सत्यापन, चुप्पी साधे हुए है आपूर्ति विभाग
दीन रज़ा सिद्दिकी
देवबंद-- राशन डीलरों की मनमानी से जनता पूरी तरह त्रस्त है कर्मयोगी पत्रकारों के पास भी शायद जनता के हक़ की आवाज़ उठने के लिए समय नहीं है।
विश्व विख्यात देवबंद नगर की शान कुड़ा कचरा और कुत्ते
बीते दो सालों से क्षेत्र के ग्राम नूनाबडी के 800 कार्ड धारक दूसरे गाँव मे राशन लेने को मजबूर कर दिए गए हैं तो वही दूसरी और ग्राम अम्बैहटा शेखा के राशन डीलर राजकुमार अपनी पूरी मनमानी कर सरकारी राशन का गबन कर रहा है या यूं कहें कि खुली लूट कर रहा है मगर कोई कारवाई नहीं।
21 जनवरी 2023 को ग्राम नूनाबडी के सामाजिक कार्यकर्ता मुईनुदीन ने ग्रामवासियों संग मिलकर सम्पूर्ण समाधान दिवस मे प्राथना पत्र देकर दो साल से बंद राशन की दुकान का चुनाव कराने की मांग की थी जिसकी आज तक कोई सुध नहीं ली गई है।
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प्राथना पत्र मे लिखा गया था कि ग्राम नूनाबडी तहसील देवबंद ज़िला सहारनपुर मे 2 वर्ष से राशन डीपू की दुकान बंद चली आ रही है जिसमें उक्त डीलर का राशन दूसरे गाँव मे अटैच किया हुआ है जिस कारण धारकों को राशन लेने मे काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्यूंकि जिस राशन डीलर के यहां ग्राम के 800 कार्ड धारकों जोड़ा गया है वो अपने ग्राम का भी राशन वितरण कर रहा है जिस से ग्राम नूनाबडी के लगभग 800 कार्ड धारक दूसरे गाँव मे धक्के खा रहे हैं।
प्राथना पत्र में श्रीमान जी से निवेदन किया गया है कि गाँव मे डीपू डीलर का चुनाव करा कर जल्द से जल्द डीलर नियुक्त किया जाना चाहिए ताकि कार्ड धारकों को हो रही परेशानी से निजात मिल सके।
मग़र ग्राम नूनाबडी के ग्रामीणों का 21 जनवरी के समाधान दिवस मे दिया हुआ प्राथना पत्र किस ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है हमारे पास इसकी कोई जानकारी नहीं है हो सकता है प्राथना पत्र अभी किसी डस्टबीन के अंदर सुरक्षित कर दिया गया हो कुछ कहा नहीं जा सकता है।
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दिलचस्प बात यह है कि क्षेत्र के ही ग्राम अम्बैहटा शेखा के राशन डीलर पर राजकुमार पर बीते काफी लंबे समय से गंभीर आरोप लगते आ रहे हैं मगर आज तक कोई कारवाई तो छोड़िए विभाग की ओर से भ्रष्ट डीलर पर चुप्पी नहीं टूटी है।
खबरों का प्रकाशन होने के बाद जल्दबाजी मे ग्राम अम्बैहटा शेखा के 858 यूनिट काट दिए गए थे ये कारवाई थी या जनता के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर जनता को उसकी औकात बताने के तानाशाही कुछ कहा नहीं जा सकता मग़र आज तक इस पर आपूर्ति विभाग चुप्पी साधे हुए है।
सावधान.... देवबंद मे कुत्ते लौट आए हैं..........!
यूनिट काटने के बाद देवबन्द आपूर्ति निरीक्षक मोहिनी मिश्रा ने कहा था ये फ़र्जी यूनिट काटे गए हैं लेकिन आपूर्ति निरीक्षक मोहिनी मिश्रा ने ये अभी तक नहीं बताया कि है 858 फ़र्जी चढ़े केसे कब चढ़े कितने चिंटूआओं और विभाग के लोगों की सांठगांठ से चढ़े शायद ही आप और हम ये कभी जान पाएंगे।
आपूर्ति निरीक्षक मोहिनी मिश्रा ने जांच कर क्या कारवाई की इसका कोई पता नहीं है । क्यूं..? नहीं की बताने की जरूरत नहीं है। इतना तो आप खुद भी समझते ही हैं आपूर्ति निरीक्षक मोहिनी मिश्रा पर क्षेत्र की जनता अभद्र व्यवहार के अरूप भी लगाती रहती है सोशल मीडिया पर लोग इनके उच्च व्यावहार को लेकर पोस्ट करते रहते हैं।
भ्रष्टाचार का केंद्र बना हुआ है देवबंद पूर्ति विभाग
आज तक आपूर्ति निरक्षक मोहिनी मिश्रा ने मीडिया को इसकी जानकारी नहीं दी है कि कब से इन 858 यूनिट का फ़र्जी तरीक़े से भ्रष्ट डीलर राशन गबन कर रहा था गरीबों के राशन पर डाका डाल कर भ्रष्टाचारी डीलर और उसको संरक्षण देने वालों की तिजोरियों मे कितना काला धन जमा हुआ है इसकी जांच कभी होगी तो आप और हम ये जान सकेंगे मग़र एसा मुमकिन तो नहीं लगता है कि इस भ्रष्टाचार की कभी कोई निष्पक्ष जांच होगी।






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