सावधान.... देवबंद मे कुत्ते लौट आए हैं..........!

देवबंद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आवारा कुत्तों के काटने की डोज का भरपूर मात्रा मे रखना चाहिए स्टाक..?

  • मेन रास्तों पर जनता के लिए बड़ी समस्या आवारा कुत्ते
  • स्कूल आने जाने वाले छोटे बच्चों पर भी कुत्तों की नज़र

दीन रज़ा सिद्दिकी 

देवबंद-- नगर पालिका क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या अधिक बढ़ जाने से आम आदमी की समस्याओं मे इजाफ़ा हुआ है और चिंताएं भी बढ़ाई हैं।

अपने नौनिहालों को नगर की जनता स्कुल भेज कर लौट कर आने तक चिंतित रहती है कहीं कोई कुत्ता उनके बच्चे को दुर्घटना का शिकार ना बना ले फ़िर भी आपको बाबा रामदेव और मोलाना सहाब की टिप्पणियों पर उलझाने का काम किया जा रहा। या किन्नरों के वर्चस्व की जंग बड़ा मुद्दा है।

मग़र आप जनता कुछ समय हो तो पूछ सकते हैं कि नगर पालिका देवबंद ने कुत्तों को पकड़ने का कोई अभियान कब चलाया था बीते कार्यकाल मे कितनी बार आवारा कुत्तों को पकड़ कर वन विभाग ने जंगल मे छोड़ा इसका कोई आंकड़ा हमारे पास तो नहीं है।

अब कुत्ते कितने प्रकार के होते हैं इस पर कोई बात नहीं करेंगे क्यूंकि आप सब बखूबी जानते हैं कि कुत्तों की नस्ल अनेकों प्रकार की होती हैं हाँ पालिका अध्यक्ष के साथ मिलकर जिन लोगों ने पांच साल मलाई चाटने का काम किया है वो बता सकते हैं जनता की इस समस्या पर कोई काम हुआ या नहीं हु

आप भोली जनता को हमारी बात पर विश्वास करने की कोशिश नहीं करनी है मज़ाक़ मे भी ले सकते हैं मग़र अपने प्यारे देवबंद नगर के लिए इतना तो कर ही सकते हैं के एक दिन छुट्टी लेकर देवबंद का निरीक्षण करें और कुत्तों से भरे देवबंद की सेल्फी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी डाल सकते हैं। इस से कुत्तों की संख्या मे कोई कमी तो नहीं आयेगी हो सकता है संबंधी विभाग की नीन्द खुल जाए ये आपका नसीब है। 

अब आपको सोचना चाहिए कि बीते पांच सालों मे मीडिया ने नगर की इस समस्या पर पालिका अध्यक्ष से सवाल पूछने की हिम्मत दिखाई है कि 103 करोड़ से अधिक के बजट मे जनता की सुरक्षा पर कितने करोड़ खर्च किए गए हैं। 

किए भी हैं या नहीं ये जानने का भी प्रयास कर सकते हैं और कोई आंकड़ा मिले तो हमारे साथ साझा भी कर सकते हैं। 






Please Select Embedded Mode To Show The Comment System.*

और नया पुराने