नशे के विरूद्ध भी कोई जागरूकता अभियान चला लें....?

देवबंद नगर जल्द ही उपलब्ध करने वाला है विश्व नशा नगर की उपाधि, नशे की ज़द मे मासूम

  • संरक्षण के चलते बे-खौफ़ नशे के सौदागर, धड़ल्ले से बिक रहे नशीले पदार्थ 
  • नशे के रूप में धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है सुलेसन(सनफिक्स), मुनाफे के लिए बच्चे को भी बेच रहे दूकानदार
  • देवबंद नगर मे कच्ची से लेकर पक्की जो चाहो मिल जाता है,,बच्चों को मादक पदार्थों से दूर रहने की सलाह दे कोन 
  • क्या मानवता के पुजारी अपना दायित्व निभा रहे हैं,,कर्मयोगी पत्रकार भी ध्यान दें 

दीन रज़ा सिद्दिकी 

देवबंद-- बात करें तो देवबंद नगर मे कोई भी बियरबार, हुक्का बार, नहीं है फ़िर भी नशे का पूरा काला कारोबार यहां अपने पैर पसार चुका है संरक्षण के चलते अब तो नशे के सौदागर गली मुहल्लों तक चरस और समेक युवाओं को परोसते हुए दिख जाते हैं। 

छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा नशा यहां उपलब्ध है इसके लिए भी मेरा शहर नंबर 1 के विज्ञापन पूरे नगर में लगाने चाहिए साथ ही जिन नशा तस्करों ने बीते सालों मे करोड़ों की संपत्ति खाड़ी की है उनके लिए विशेष आयोजन कर सम्मानित किया किया जाना चाहिए ताकि समाज के लिए उनके इस योगदान को याद रखा जाए।

पहले छोटे नशे की बात कर लेते हैं पूरे नगर देवबंद मे हुक्का पीने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सामान खुलेआम पान की दुकानों पर बेचा जा रहा है। जिनकी रोक के लिए तैनात जिम्मेदार अधिकारी कोई एक्शन नहीं लेना चाहते वजह क्या है हम नहीं जानते। जिसके चलते युवा वर्ग खासकर स्कूल-कॉलेज में जाने वाले छात्र तंबाकू और गुटखा नशीले पदार्थ खरीदते नजर आते हैं। इतना ही नहीं कई दुकानों पर तो धड़ल्ले से फ्लेवर तंबाकू, कांच का छोटा हुक्का और चिलम आदि तक बिक रही हैं। 

आसानी से उपलब्ध है ये महंगा शौक फ्लेवर्ड तंबाकू के हर पैकेट पर चेतावनी भी लिखी होती है कि धूम्रपान सेहत के लिए हानिकारक है। जिससे साफ है कि इनमें तंबाकू है और यह बच्चों के लिए नहीं है। खास बात ये है कि अधिकतर पैकेटों पर किसी अन्य देश में निर्मित होना भी अंकित होता है। इसके बावजूद पूरे नगर देवबंद में जगह-जगह बिक रहे हैं।

हुक्के के विभिन्न फ्लेवर 50 से 500 रुपये में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। एक दुकान पर हुक्का व फ्लेवर के पैकेट की कीमत पूछी तो बताया गया कि वैरायटी के हिसाब से रेट होता है। एक छोटा पैकेट कम से कम 50 रुपये का है। कुछ खास फ्लेवर में लेमन, सेलमॉन, ब्लू बेली, ग्रीन मिंट, पाइन एप्पल, लेमन मिंट, पीच, चॉकलेट, रोज, सिगार, समारोफ, कच्ची कली, एनर्जी शीशा, पान रस, पान मसाला, पान रसना, मैंगो, निवार्णा, परपल सीसा, कोला, ऑरेंज, बून, ऑफ्टर-8, मैंगो एप्पल जेसे सेंकड़ों नाम शामिल हैं।

इसके अलावा नशेड़ीयों द्वारा इज़ाद किए हुए नुस्खें भी हैं जिसको सुलेसन (सनफिक्स) कहते हैं इसके नशा करने वालों की संख्या भी निरंतर विकास कर रही है पन्नी मे डाल कर सुलेसन से नशा करने का लाईव आप जब चाहें मुहल्ला दगडा, पठानपूरा रेती चौक, रहमान कालोनी, भायला रोड़, खानकाह, ईदगाह रोड़, मुहल्ला बैरीयान, सड़कों पर ही युवाओं को ये सस्ता नशा करते अपनी आँखों से देख सकते हैं कुछ ने तो देखा भी होगा।

बच्चों तक को भी दुकानदार सुलेसन सनफिक्स बैंच दे रहे हैं जिसका परिणाम है कि ये सस्ता नशा सड़कों पर अब आम बात है जेसा के पूर्व मे बता चुके हैं देवबंद नगर के बीचो बीच अवैध रूप से शराब की बिक्री भी बदस्तूर जारी है और सारे मानता के पुजारी कर्मयोगी कुंभकर्णी नीन्द सोए हुए हैं। 

मामले का दुखद पहलू तो यह है कि दुकानदार भी चंद सिक्कों के लिए छोटे छोटे बच्चों के हाथ सनफिक्स बेचने से गुरेज नहीं करते। जिससे दुकानदारों को भी मोटी कमाई हो रही है। स्थिति इस कदर खतरनाक हो चली है कि समाज में अवस्थित विद्यालय, विभिन्न कार्यालय के सुनसान पड़े परिसरों और नए बसासत वाले क्षेत्रों बाग-बगीचे आदि पर बच्चे सनफिक्स सूंघने के लिए कब्जा जमाए रहते हैं। इसके अलावा बच्चे और किशोर अल्कोहल, अफीम, कोकीन, भांग, समेक, सहित कई तरह के नशीले पदार्थों का सेवन भी कर रहे हैं। यह जान कर आश्चर्य होता है कि आजकल नशे के आदी युवा टोरेक्स, कोदेन, ऐल्प्राजोलम, अल्प्राक्स, कैनेबिस जैसे दवाओं को भी नशे के रूप में प्रयोग में लाने लगे हैं। इस से मेडिकल स्टोर स्वामियों की बल्ले बल्ले है।

नगर देवबंद ही नहीं पूरे जनपद सहारनपुर का युवा गुटखा, सिगरेट, शराब, गांजा, भांग, अफीम और धूम्रपान सहित चरस, स्मैक, कोकीन, ब्राउन शुगर जैसे घातक मादक दवाओं के गुलाम बनते जा रहे हैं.... जारी 




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