रक्षक या भक्षक,,, हम कुछ भी नहीं कह सकते...? (किस्त-4)

 मीडिया में कहां खड़ा है अपना सहारनपुर..? 

  • वाहन पर प्रेस लिख स्टिकर लगा कर घूमने वाले क्या सब पत्रकार ही होते हैं...?
  • जनपद मे जुआरियों, सटोरियों, को तथाकथित पत्रकारों का मिल रहा है संरक्षण. पुलिस से सुरक्षा की पूरी गारंटी...!

दीन रज़ा सिद्दिकी 

सहारनपुर-- बीते दिनों मे जानने की इच्छा हुई कि अपना प्यारा सहारनपुर मीडिया मे कहां है बहुत से पत्रकारों से जनपद के बुद्धजीवियों से मिलना हुआ सबके अनुभवों ने एक नया सहारनपुर दीखाने का अवसर प्राप्त किया। सबके अपने अनुभव हैं।

मग़र सबसे दिलचस्प ये हुआ कि किसी सज्जन का फोन आया और बोले के एक व्यक्ति राशन डीलर से पैसे ले रहा है खुदको पत्राकार बताता है पत्राकार बता कर उगाही करने वाले गैंग लगातार पूरे जनपद मे मकड़ जाल फेलाए हुए हैं। मग़र यहां बड़ा सवाल यह भी है कि राशन डीलर पैसे दे क्यूं रहे हैं वो भी सरकारी गल्ले का गबन तो नहीं कर रहे हैं।

ये हमारा विषय नहीं है मीडिया मे सहारनपुर कहां है इस पर हम चर्चा करेंगे पूरे जनपद की हर गली मुहल्ले गाँव मे प्रेस लिखे वाहन आपने ज़रूर देखे होंगे गली मुहल्ले ही नहीं सभी सरकारी विभागों चौकियों थानों कचहरी बाजारों कोई जगह एसी नहीं होगी जहां आपको प्रेस लिखे वाहन नज़र नहीं आते। मग़र सवाल ये है क्या ये सब पत्रकार होते भी हैं या नहीं...? 

अब एक आम आदमी केसे जान सकता है कोन पत्रकार है और कोन नहीं है ये आप के लिए ही नहीं हमारे लिए एक बहुत मुश्किल काम है अधिकारियों को भी इस से बहुत सी परेशानीयां होती रहती है कुछ तो बता देते हैं और कुछ इग्नोर कर देते हैं मगर ये विषय इग्नोर करने वाला बिल्कुल भी नहीं है। 

क्यूं की इन दिनों तथाकथित पत्रकारों का आतंक अपने पूरे उरूज पर है जिस कारण सम्मानित पत्रकारिता आए दिन आहत होती रहती है आये दिन कथित पत्रकारों द्वारा अवैध उगाही के मामले प्रकाश मे आते रहते हैं यही तथाकथित पत्रकार अधिकारीयों पर अपना रौब ग़ालिब करना चाहते हैं। 

मग़र किया इनका मकसद पत्रकारिता को धूमिल करना है...? नहीं बिल्कुल नहीं।

इन तथाकथित पत्रकारों का एक ही मकसद है ब्लेकमेल कर धन की उगाही करना, धमकियां देकर उगाही करना, अवैध कारोबार करने वालों को संरक्षण देकर धन उगाही करना, जुआरियों सटोरियों को संरक्षण देकर धन उगाही करना, युवा पीढ़ी को नशा परोसने वाले तस्करों को संरक्षण दे कर धन उगाही करना, भू माफियाओं को संरक्षण देकर धन उगाही करना, खनन माफियाओं को संरक्षण देकर धन उगाही करना, वगैरा वगैरा। 

अब आप ये समझ ही गए होंगे कि इनका मकसद पत्रकारिता को धूमिल करना नहीं है बल्कि धन की उगाही करना है। आप को इस सब से सतर्क रहने की आवश्यकता है कब कोन किधर से आपको ठगी का शिकार बना ले इसके लिए जरूरी है कि ठगी करने वाले जहां भी नज़र आएं तो पुलिस को इसकी सूचना दें। 

अब आते हैं प्रेस लिखे वाहनों पर तो हर कोई प्रेस लिख कर घूमने वाला पत्रकार नहीं होता है इसके लिए सहारनपुर प्रशंसन को सभी प्रेस लिखे वाहनों की जांच करनी चाहिए एसा हुआ तो 80% वाहन थानों और चौकियों मे खड़े मिलेंगे मग़र इस पर भी धमकीबाज़ गैंग प्रदर्शन करने पर उतारू हो जायेंगे जांच से भागने लगेंगे। 

कहीं ना कहीं ये जिम्मेदारी पत्रकारों द्वारा बनाए गए संगठनों की है कि पत्रकारिता को धूमिल करने वालों को फ़ील्ड से बाहर का रास्ता दिखा दें मगर यह भी हुआ तो फ़िर प्रदर्शन करने कोन आएगा। 

एसे मे बड़ी समस्या यह है कि जनता किया करे और इन कथित पत्रकारों से ख़ुद को केसे बचाए इस पर आगे चर्चा करेंगे ये भी बताएँगे के सट्टे की खाईबाडी से राशन डीलर से उगाही तक चल क्या रहा है.... जारी





Please Select Embedded Mode To Show The Comment System.*

और नया पुराने