सीएम योगी के राडार पर बिजली विभाग, क्या देवबंद के भ्रष्ट अफसरों को भी तलब करेंगे सीएम योगी?
- नोएडा में 13 हजार अवैध कनेक्शन पर जवाब-तलब, 1.30 करोड़ की मासिक चोरी पर CM योगी सख्त, चेयरमैन तलब, 3,800 वैध और 13,000 'अवैध' कनेक्शन का खेल
- उधर देवबंद में CM के आदेशों की उड़ रही धज्जियां, सेवा शिविर' पूरे महीने नदारद, देवबंद में 40 करोड़ की लूट छिपाने को विभाग की तानाशाही से त्रस्त है जनता
लखनऊ/देवबंद । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो टॉलरेंस' और सुशासन की नीति को अगर कोई विभाग सबसे ज्यादा पलीता लगा रहा है, तो वह है उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL)। एक तरफ मुख्यमंत्री बिजली चोरी और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के सख्त निर्देश दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ नोएडा से लेकर देवबंद तक बिजली विभाग के भ्रष्ट अधिकारी अपनी तिजोरियां भरने, नाकामियां छिपाने और सच की आवाज उठाने वालों का गला घोंटने में मस्त हैं।
केएल जनता इंटर कॉलेज चुनाव सिंघल पैनल ने किया क्लीन स्वीप, सभी 11 पदों पर दर्ज की एकतरफा जीत
सबसे पहले बात नोएडा के छिजारसी गांव की, जिसने UPPCL के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। हाल ही में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के CEO मनोज कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने एक खौफनाक आंकड़ा रखा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस गांव में महज 3,800 बिजली कनेक्शन वैध हैं, जबकि लगभग 13,000 घरों में कथित तौर पर अवैध कनेक्शन चल रहे हैं मीटर घरों के बाहर लगे हैं, लेकिन अंदर खेल कुछ और ही चल रहा है। नुकसान का आंकड़ा अगर एक अवैध कनेक्शन से न्यूनतम 1,000 रुपये प्रति माह का भी राजस्व घाटा माना जाए, तो सिर्फ एक गांव से हर महीने 1 करोड़ 30 लाख रुपये की डकैती हो रही है।
इस महाघोटाले को सुनकर खुद सीएम योगी ने पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल को तलब किया और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा है कि डूब क्षेत्र हो या कोई भी इलाका, अवैध कनेक्शनों पर सख्त कार्रवाई हो और अधिकारियों की जवाबदेही तय हो।
अब बात करते हैं देवबंद की, जहाँ के भ्रष्ट अधिकारियों ने खुद को मुख्यमंत्री से भी ऊपर मान लिया है नोएडा की तरह ही देवबंद में भी सालाना 40 करोड़ का लाइन लॉस (राजस्व घाटा) है। टाउन फीडरों की सरेआम लूट हो रही है, लेकिन यहाँ के अधिकारी बड़े 'धन्नासेठों' और चोरों पर कार्रवाई करने के बजाय क्या कर रहे हैं? शासनादेश की अवहेलना CM की मंशा के अनुरूप UPPCL ने 1 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक पूरे प्रदेश में 'विशेष उपभोक्ता सेवा शिविर' लगाने के आदेश दिए। सहारनपुर के घंटाघर पर कैंप लग भी रहा है, लेकिन देवबंद उपखंड में इसका कोई अता-पता नहीं है। जनता बिल, मीटर और कनेक्शन के लिए दर-दर भटक रही है, और अधिकारी अपनी कुर्सी तोड़ रहे हैं।
अवैध कनेक्शन वालों के यहाँ पीएसी (PAC) नहीं जाती, लेकिन देवबंद में चंद हजार रुपये के बकाए के लिए विभाग की टीमें जी तोड़ मेहनत करती हैं लेकिन अपूर्ति देने मे जो हाल है वो आपके सामने है नोएडा का सच तो मुख्यमंत्री तक पहुँच गया, लेकिन देवबंद का 40 करोड़ का घोटाला और 11KV की मौत बांटती लाइनों का सच जब स्थानीय स्तर पर उजागर किया गया तो देवबंद के भ्रष्ट तंत्र मे हड़कंप मच गया अपनी नाकामियों, 'सेवा शिविर' न लगाने की हठधर्मिता और करोड़ों की चोरी पर पर्दा डालने की हर मुमकिन कोशिश की जा रही है।
ट्रेन में छात्र से मारपीट पर दारुल उलूम गंभीर, रेलवे प्रशासन से सुरक्षा की मांग
नोएडा के छिजारसी गांव के 13 हजार अवैध कनेक्शनों पर सीएम योगी ने चेयरमैन से जवाब-तलब कर लिया है। अब देवबंद की जनता का मुख्यमंत्री और UPPCL के उच्चाधिकारियों से सीधा सवाल है क्या देवबंद के 40 करोड़ के घोटाले, शासनादेश (सेवा शिविर) की धज्जियां उड़ाने वाले इन नकारे अधिकारियों पर भी शासन का डंडा चलेगा? यह देखना दिलचस्प होगा कि जीरो टॉलरेंस की नीति सिर्फ बैठकों तक सीमित रहती है, या देवबंद के इन भ्रष्ट अधिकारियों की कुर्सियां भी हिलती हैं!
रिपोर्ट - दीन रज़ा

