मस्जिद की जमीन पर 'मुर्गा गैंग' का डाका ग्राम प्रधान अब्दुल सत्तार ने खोला मोर्चा, फर्जी बैनामे के खिलाफ देवबंद देहात में भारी आक्रोश

मस्जिद की जमीन पर 'मुर्गा गैंग' का डाका ग्राम प्रधान अब्दुल सत्तार ने खोला मोर्चा, फर्जी बैनामे के खिलाफ देवबंद देहात में भारी आक्रोश

  • देवबंद में भू-माफियाओं के दुस्साहस से उबाल: पहले तालाब अब अल्लाह के घर पर नजर, प्रधान अब्दुल सत्तार बोले—'एक इंच जमीन भी नहीं लुटने देंगे
  • ​बड़ी मस्जिद की जमीन के फर्जीवाड़े पर प्रधान का बड़ा ऐलान भू-माफिया 'मुर्गा गैंग' पर 420 व गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग 

देवबंद/हाशिमपुरा: धार्मिक और सार्वजनिक जमीनों पर अवैध कब्जे करने वाले गिरोहों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब अल्लाह के घर (मस्जिद) की मुकद्दस जमीन को भी नहीं बख्शा जा रहा है। हाशिमपुरा में कथित 'मुर्गा गैंग' के सरगना और उसके भू-माफिया साथियों द्वारा मस्जिद की जमीन का फर्जी और गैर-कानूनी तरीके से बैनामा अपने ही करीबियों के नाम कराने का एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में तनाव और जबरदस्त गुस्सा देखा जा रहा है। ​राजस्व अभिलेखों (नकल व शजरा) के अनुसार, जिस जमीन का पुराना खसरा नंबर 1885 (जो चकबंदी के बाद अब नया नंबर 3130/3930 के रूप में दर्ज है), उस मुकद्दस जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे हड़पने की साजिश रची गई है।




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हमीद (पुत्र बख्श) ने मस्जिद से जुड़ी संपत्ति को अपने बेटे परवेज के नाम लिख दिया। यूसुफ (पुत्र बख्श) ने इसी जमीन का फर्जी दस्तावेज अपने पोते अफसर (पुत्र शहजाद) के नाम निष्पादित करा दिया। ग्राम प्रधान अब्दुल सत्तार ने दो टूक शब्दों में कहा है कि मस्जिद अल्लाह का घर है और इसकी एक इंच जमीन पर भी भू-माफियाओं का नाजायज कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधान ने स्पष्ट किया कि गांव की अमानत की रक्षा के लिए वे हर कानूनी मंच पर लड़ेंगे और इस फर्जीवाड़े को निरस्त करवाकर रहेंगे।

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इलाके में चर्चाओं और विवादों का केंद्र बने कथित 'मुर्गा गैंग' पर पहले भी जमीनों की हेराफेरी और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लग चुके हैं। इस संगठित गिरोह का पुराना रिकॉर्ड बताता है कि यह पहली बार नहीं है जब इन्होंने सार्वजनिक या निजी जमीनों पर गिद्ध दृष्टि डाली है गुलफाम की जमीन का फर्जीवाड़ा याकूब द्वारा गुलफाम की जमीन का कूटरचित तरीके से फर्जी बैनामा करने के मामले में देवबंद कोतवाली में आईपीसी 420 (धोखाधड़ी) का मुकदमा पहले से दर्ज है। ठेकेदार हाजी लियाकत प्रकरण इसी तरह हाजी लियाकत ठेकेदार की कीमती जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे हड़पने की कोशिश पर भी देवबंद थाने में धोखाधड़ी का गंभीर केस दर्ज हुआ था। तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा  हाशिमपुरा में सार्वजनिक तालाब की भूमि (खसरा नंबर 1726) पर जबरन कब्जा करके पांच दुकानों का गैर-कानूनी निर्माण किया जा चुका है।

इस पूरे नेटवर्क में उस्मान उर्फ मुर्गा, जाहिद, इरशाद वकील, फैजल, याकूब, साजिद, परवेज, अफसर, हामिद, यूसुफ, कय्यूम और अय्यूब जैसे लोगों की संलिप्तता का आरोप है, जो सुनियोजित तरीके से देवबंद देहात क्षेत्र में अवैध कब्जे की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

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मस्जिद जैसी पवित्र जगह की जमीन को फर्जीवाड़े की भेंट चढ़ते देख पूरे गांव में जबरदस्त आक्रोश और तनाव फैल गया है। ग्रामीण बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान अब्दुल सत्तार के समर्थन में खड़े हो गए हैं और भू-माफियाओं के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर चुके हैं। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल जल्द ही उपजिलाधिकारी (SDM) देवबंद और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सहारनपुर से मिलकर एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपने जा रहा है। ग्रामीणों की मुख्य मांगें हैं फर्जी बैनामे और गिफ्ट डीड को तत्काल प्रभाव से शून्य (रद्द) घोषित किया जाए।

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संगठित 'मुर्गा गैंग' के सभी नामजद सदस्यों और इसमें शामिल सहयोगियों के खिलाफ भू-माफिया अधिनियम एवं गंभीर आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज हो  तालाब और मस्जिद की जमीन से तत्काल सभी अवैध निर्माण और कब्जे हटाए जाएं। ग्राम प्रधान अब्दुल सत्तार ने अवाम से शांति बनाए रखते हुए एकजुट रहने की अपील की है, ताकि कानून के दायरे में रहकर भू-माफियाओं को उनके किए की सख्त सजा दिलाई जा सके।

रिपोर्ट - दीन रज़ा 

Deen Raza

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