प्रशासनिक चौखट पर पहुंचा ठग ऑफ़ देवबंद का चंदा सिंडिकेट SDM और CO से FIR व गिरफ्तारी की मांग
- ठग ऑफ देवबंद के 35 लाख के चंदे का गोलमाल, दारुल उलूम व उलेमाओं की तौहीन और ईदगाह पर अवैध कब्जे के लगे संगीन आरोप
- ज्ञापन में 7 बड़े गंभीर आरोप, 12 बीघा ईदगाह पर कब्ज़ा और 60% कमीशनबाज़ी का खेल, निर्दोष नागरिकों की चरित्र-हत्या और ब्लैकमेलिंग के आरोप
देवबंद। विश्व प्रसिद्ध इल्मी व धार्मिक नगरी देवबंद की फिज़ा में तनाव, अराजकता और अवैध वसूली के खेल के खिलाफ स्थानीय आवाम, समाजसेवियों और जागरूक नागरिकों का सब्र अब पूरी तरह टूट चुका है। ठग ऑफ देवबंद ने सोशल मीडिया चैनल की आड़ में राष्ट्रविरोधी व असामाजिक गतिविधियों को संचालित करने के गंभीर आरोपों को लेकर उप-जिलाधिकारी एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी देवबंद को एक विस्तृत जनहित ज्ञापन एवं गंभीर शिकायती पत्र सौंपा है।
ज्ञापन में स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया गया है कि मोहल्ला महल निवासी संचालक द्वारा धर्म, जनहित और फर्जी पत्रकारिता का चोला ओढ़कर खुलेआम ब्लैकमेलिंग, धार्मिक उन्माद और करोड़ों की वक़्फ़ संपत्तियों पर अवैध कब्जे का संगठित तंत्र चलाया जा रहा है। शिकायत पत्र के अनुसार, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हज़रत मौलाना हुसैन अहमद मदनी (रह०), मरहूम मौलाना असद मदनी, मौलाना महमूद मदनी, मरहूम क़ारी उस्मान साहब सहित प्रतिष्ठित उलेमाओं के खिलाफ रोज़ाना भड़काऊ थंबनेल, आपत्तिजनक वीडियो व अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे मुस्लिम समाज में भारी रोष पनप रहा है।
देवबंद में देर रात पुलिस और गौकशी के आरोपियों के बीच मुठभेड़, एक घायल गिरफ्तार; दूसरा फरार
विश्वविख्यात इस्लामी शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के ज़िम्मेदारों पर अनर्गल व झूठे आरोप लगाकर स्थानीय आवाम व छात्रों को भड़काने और शहर की कानून-व्यवस्था ध्वस्त करने की सुनियोजित साजिश रची जा रही है। बिना किसी पंजीकृत ट्रस्ट, संस्था या कानूनी अनुमति के 'जनता गुल्लक', 'क्लीन एंड ग्रीन' और AI से बनी फर्जी तस्वीरों के जरिए 'राहत हार्ट हॉस्पिटल' जैसे झूठे अभियानों के नाम पर जनता से 20 से 35 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि व्यक्तिगत सेविंग खातों (Bank Accounts) और नकद रूप में वसूली गई, जिसका आज तक कोई ऑडिट या हिसाब नहीं दिया गया।
मदनी मस्जिद पर अनुचित हस्तक्षेप में नाकाम रहने के बाद, अब ऐतिहासिक ईदगाह के जबरन ताले तोड़कर 12 बीघा जमीन पर बिना किसी ले-आउट, सक्षम अथॉरिटी या वक़्फ़ बोर्ड की अनुमति के घटिया इंटरलॉकिंग बिछवाई जा रही है। आरोप है कि अवाम के चंदे के पैसे में 60% कमीशनबाज़ी का बड़ा खेल खेला जा रहा है क्षेत्रीय सांसद इमरान मसूद तथा अन्य गणमान्य नागरिकों के खिलाफ सार्वजनिक मंचों पर अशोभनीय व आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर समाज में गुटबाजी और तनाव भड़काने का प्रयास किया गया।
शहर के सम्मानित लोगों व समाजसेवियों की तस्वीरों से छेड़छाड़ कर सोशल मीडिया पर बदनाम करना और बाद में पोस्ट हटाने के नाम पर अवैध वसूली (रंगदारी) का आरोप है। शिकायत में यह भी उजागर किया गया है कि आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वह पूर्व मे जेल भी जा चुका है तथा विदेश (सऊदी अरब) में भी आपराधिक कृत्यों के लिए दंडित हो चुका है। ज्ञापन मे मांग की गई है कि धार्मिक भावनाएं भड़काने, उलेमाओं के अपमान, दारुल उलूम के खिलाफ साजिश और अवैध वसूली के जुर्म में सुसंगत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
व्यक्तिगत बैंक खातों में आए 20 से 35 लाख रुपये के चंदे की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और अवैध राशि जब्त की जाए। 12 बीघा ईदगाह परिसर में चल रहे अवैध निर्माण को तत्काल रुकवाकर वक़्फ़ संपत्ति के संरक्षण हेतु प्रशासनिक जांच टीम (SIT) गठित की जाए। यूट्यूब व फेसबुक पर संचालित आरोपी के सभी आपत्तिजनक सोशल मीडिया हैंडल्स को साइबर सेल द्वारा तुरंत सील/निलंबित किया जाए। ज्ञापन में साफ कहा गया है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं की, तो शहर का अमन-चैन कभी भी बड़े सांप्रदायिक विवाद या दंगे की भेंट चढ़ सकता है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और पुलिस इस संगठित चंदा सिंडिकेट पर कब बुलडोजर और कानूनी डंडा चलाती है।
रिपोर्ट - दीन रज़ा

