ट्रेन में छात्र से मारपीट पर दारुल उलूम गंभीर, रेलवे प्रशासन से सुरक्षा की मांग
- मेरठ से देवबंद आ रही ट्रेन में छात्र से कथित मारपीट, दारुल उलूम ने स्टेशन अधीक्षक को सौंपा पत्र, 21 अगस्त की रात हुई घटना का पत्र में उल्लेख
- 4 हजार छात्रों की रेल यात्रा पर सुरक्षा की चिंता छात्र से मारपीट की घटना के बाद रेलवे से सख्त इंतजाम की मांग, घायल छात्र के मामले में मेरठ में शिकायत
देवबंद। रेल यात्रा के दौरान दारुल उलूम देवबंद के एक छात्र के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद संस्था ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। संस्था की ओर से देवबंद रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक अनिल कुमार को पत्र सौंपकर ट्रेनों में दारुल उलूम के छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है। दारुल उलूम देवबंद के छात्रावास प्रभारी अशरफ अब्बास सहित अन्य अधिकारियों ने मंगलवार दोपहर स्टेशन अधीक्षक को यह पत्र सौंपा। पत्र में बताया गया कि संस्था में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग चार हजार छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में छात्र आवागमन के लिए भारतीय रेल का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में रेल यात्रा के दौरान छात्रों की सुरक्षा संस्था के लिए महत्वपूर्ण विषय है।
संस्था की ओर से दिए गए पत्र में 21 अगस्त की रात हुई एक घटना का उल्लेख किया गया है। पत्र के अनुसार, ट्रेन संख्या 64557 से मेरठ से देवबंद की ओर यात्रा कर रहे दारुल उलूम के छात्र मोहम्मद मुंतजिर के साथ कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कथित रूप से अभद्रता और मारपीट की गई। बताया गया है कि घटना उस समय हुई जब ट्रेन मेरठ से देवबंद की ओर आ रही थी। आरोप के मुताबिक, ट्रेन के डिब्बे में मौजूद करीब 10 से 12 लोगों ने छात्र को जबरन शराब पिलाने की कोशिश की। इसका विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और आरोप है कि उन लोगों ने छात्र के साथ अभद्रता करते हुए उसकी दाढ़ी खींची और उसके साथ मारपीट की।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि हमलावरों ने छात्र को ट्रेन से नीचे धक्का देने का प्रयास किया। घटना के दौरान छात्र ने किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना के बाद मामले को लेकर 22 अगस्त को जीआरपी थाना मेरठ सिटी में लिखित शिकायत दर्ज कराए जाने की बात भी पत्र में कही गई है। मोहम्मद मुंतजिर मेरठ के सरधना क्षेत्र के गांव देवली खेड़ा उर्फ जैनपुर का निवासी बताया गया है और वह दारुल उलूम देवबंद में शिक्षा ग्रहण कर रहा है। दारुल उलूम देवबंद ने कहा कि घटना केवल एक छात्र तक सीमित चिंता का विषय नहीं है, बल्कि इससे रेल यात्रा करने वाले हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हुई है।
संस्था का कहना है कि देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले छात्र अक्सर रेल के माध्यम से देवबंद पहुंचते हैं और वापस अपने घरों की यात्रा करते हैं। ऐसे में ट्रेनों में छात्रों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था होना आवश्यक है। दारुल उलूम ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील मार्गों और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए तथा ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सावधानियां बरती जाएं। दारुल उलूम की ओर से सौंपे गए पत्र को स्टेशन अधीक्षक अनिल कुमार ने उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाने और इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
संस्था ने उम्मीद जताई है कि रेलवे प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए छात्रों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में किसी छात्र के साथ इस प्रकार की घटना न हो। घटना के बाद दारुल उलूम में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच भी रेल यात्रा की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने की बात सामने आई है। संस्था ने रेलवे प्रशासन से अपेक्षा की है कि यात्रियों, विशेषकर छात्रों की सुरक्षा के लिए रेलवे पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के स्तर पर आवश्यक निगरानी सुनिश्चित की जाए। दारुल उलूम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि छात्रों की सुरक्षित यात्रा संस्था की प्राथमिक चिंताओं में शामिल है और इस संबंध में रेलवे प्रशासन से लगातार समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया जाएगा।
रिपोर्ट - दीन रज़ा

