देवबंद में दर्दनाक सड़क हादसा जिंदगी की जंग हार गईं शूमयला ग़ज़ल, इलाज के दौरान मौत
- चार दिन तक जिंदगी और मौत से जूझती रही शूमयला ग़ज़ल, पुलिस की धीमी कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
- चार दिन तक मौत से लड़ती रही शूमयला ग़ज़ल, आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई
देवबंद। देवबंद में तेज रफ्तार और लापरवाही से बाइक चलाने का एक दर्दनाक मामला अब एक मासूम की मौत में बदल गया है। करनजाली रोड स्थित तल्हेड़ी चुंगी के पास हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई शूमयला ग़ज़ल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है। एफआईआर के अनुसार 24 जुलाई 2026 की शाम करीब चार बजे करनजाली रोड तल्हेड़ी चुंगी के पास शूमयला ग़ज़ल अपनी सहेली शाहिदा के साथ बैटरी स्कूटी से जा रही थी। तभी सामने से आई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (नंबर UP-11 DC 9739) के चालक ने कथित रूप से तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हुए स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी।
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हादसे में दोनों बच्चियां सड़क पर गिर गईं। शूमयला ग़ज़ल के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि उसकी सहेली शाहिदा भी घायल हो गई और उसका दांत टूट गया। घटना के बाद आसपास के लोगों ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया। शूमयला ग़ज़ल की हालत नाजुक होने पर पहले उसे देवबंद से हायर सेंटर रेफर किया गया और बाद में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसके मस्तिष्क का ऑपरेशन (ब्रेन सर्जरी) किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पीड़ित पिता असलम खान निवासी मोहल्ला पठानपुरा, देवबंद की तहरीर पर थाना देवबंद में बाइक चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 125(b) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अब मौत के बाद मामले में संबंधित गंभीर धाराओं की बढ़ोतरी की जा सकती है। परिजनों का आरोप है कि हादसा पूरी तरह तेज रफ्तार और लापरवाही से बाइक चलाने के कारण हुआ। परिवार ने दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाह वाहन संचालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मासूम की मौत ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं, जबकि इलाके में भी गहरा शोक व्याप्त है। अब सभी की निगाहें पुलिस की आगे की कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं।
रिपोर्ट - दीन रज़ा

