ग्राम समाज की 468 बीघा भूमि को लेकर प्रधान अब्दुल सत्तार ने ग्रामीणों को दी मुकदमे की जानकारी

468 बीघा ग्राम समाज की भूमि का मामला हाईकोर्ट में, प्रधान अब्दुल सत्तार ने ग्रामीणों से मांगा सहयोग

  • हाशिमपुरा में ग्रामीणों की बैठक, 468 बीघा भूमि के मुकदमे से लेकर पांच साल के विकास कार्यों तक बोले प्रधान अब्दुल सत्तार 
  • कहा—हाईकोर्ट में चल रही अपील, भूमि को कब्जामुक्त कराने में जनता का सहयोग जरूरी; अधूरे कार्यों को पूरा करने का भी दिया भरोसा, 

देवबंद। देवबंद देहात क्षेत्र के ग्राम हाशिमपुरा में ग्राम प्रधान अब्दुल सत्तार ने क्षेत्र की जनता की बैठक बुलाकर ग्राम समाज की भूमि से संबंधित चल रहे मुकदमे और अब तक हुई कानूनी कार्रवाई की जानकारी ग्रामीणों के साथ साझा की। बैठक में उन्होंने ग्राम समाज की भूमि को कथित कब्जों से मुक्त कराने के प्रयासों का जिक्र करते हुए ग्रामीणों से सहयोग की अपील की। प्रधान अब्दुल सत्तार ने ग्रामीणों को बताया कि ग्राम समाज की करीब 468 बीघा भूमि को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा है। उनके अनुसार, इस मामले में चकबंदी अधिकारी से लेकर जिला स्तर और लखनऊ तक कानूनी प्रक्रिया चली है, जिसमें उनके पक्ष में फैसले आने का उन्होंने दावा किया। उन्होंने बताया कि अब विपक्षी पक्ष की ओर से मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है और प्रकरण फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया में है।

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उन्होंने कहा कि सरकारी एवं ग्राम समाज की भूमि को सुरक्षित रखना केवल ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें ग्रामीणों की भूमिका और सहयोग भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि मामले को लेकर किसी प्रकार की अफवाह या विवाद से बचते हुए कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करें। प्रधान ने कहा कि ग्राम समाज की भूमि यदि नियमानुसार कब्जामुक्त होती है तो उपलब्ध भूमि का उपयोग गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के हित और गांव के विकास से जुड़े कार्यों के लिए कराने का प्रयास किया जाएगा। उनका कहना था कि इससे गांव के विकास को गति मिलने के साथ ही पात्र लोगों को भी लाभ मिल सकता है। बैठक के दौरान ग्राम प्रधान ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कार्यकाल के दौरान जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए गए और गांव में विभिन्न विकास कार्य कराए गए।

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हालांकि, प्रधान ने यह भी स्वीकार किया कि कार्यकाल के दौरान कुछ कार्य ऐसे रह गए जिन्हें पूरा नहीं कराया जा सका। उन्होंने इन अधूरे कार्यों को लेकर ग्रामीणों से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगते हुए कहा कि जो कार्य निर्धारित समय में पूरे नहीं हो सके, उसके लिए वह जनता से माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र की जनता उन्हें दोबारा ग्राम प्रधान के रूप में सेवा करने का अवसर देती है तो अधूरे पड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का भरसक प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य गांव के विकास को आगे बढ़ाना और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कराना है।

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बैठक के दौरान कई ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के कार्यकाल में कराए गए कार्यों की सराहना की। वहीं कुछ ग्रामीणों ने गांव से जुड़ी अपनी व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याएं भी प्रधान के सामने रखीं ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की, जिस पर प्रधान ने संबंधित समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके निस्तारण का भरोसा दिलाया। बैठक में ग्राम समाज की भूमि, गांव में कराए गए विकास कार्यों तथा आगामी समय में प्रस्तावित कार्यों को लेकर भी चर्चा हुई। प्रधान अब्दुल सत्तार ने कहा कि ग्राम पंचायत की संपत्ति और गांव के विकास से जुड़े मामलों में जनता की भागीदारी और सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि गांव के हित से जुड़े मामलों में पारदर्शिता के साथ काम करने तथा जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा।

रिपोर्ट - दीन रज़ा 

Deen Raza

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