देवबंद नगर पालिका के विकास दावों पर सवाल, बोर्ड बैठक के प्रस्ताव धरातल पर कब उतरेंगे?
- 50 वाटर कूलर से लेकर सीसीटीवी तक बड़े ऐलान, देवबंद की जनता ने पूछा, पुराने कामों का हिसाब कब ?
- कागज़ों में आधुनिक देवबंद का सपना, जमीन पर सफाई और जलभराव से परेशान जनता, बोर्ड बैठक में करोड़ों के विकास प्रस्तावों को मंजूरी, लेकिन सफाई, जलभराव और टूटी सड़कों पर उठे सवाल
देवबंद। नगर पालिका परिषद देवबंद की बोर्ड बैठक में विकास, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, नालों की सफाई और पेयजल सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दिए जाने का दावा किया गया है। नगर पालिका द्वारा जारी प्रेस नोट में शहर को आधुनिक और जन-अनुकूल बनाने की बात कही गई है, लेकिन सवाल यह है कि क्या इन दावों का असर वास्तव में देवबंद की सड़कों और मोहल्लों में दिखाई भी देगा, या फिर यह विकास केवल बोर्ड की बैठकों और कागजी प्रस्तावों तक सीमित रह जाएगा ?
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नगर पालिका बोर्ड की बैठक में शहर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने, खराब कैमरों को ठीक कराने और नए स्थानों पर कैमरे लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा शहर में लगभग 50 वाटर कूलर स्थापित करने, विभिन्न स्थानों पर नए ट्यूबवेल लगाने तथा अन्य विकास कार्यों की भी बात कही गई है। लेकिन शहरवासियों के सामने बड़ा सवाल यह है कि नगर पालिका द्वारा पहले किए गए विकास कार्यों और घोषणाओं की वास्तविक स्थिति क्या है? शहर के अनेक क्षेत्रों में आज भी सफाई व्यवस्था, जलभराव, टूटी सड़कें, जाम, नालियों की स्थिति और पेयजल जैसी समस्याएं लोगों के लिए परेशानी बनी हुई हैं।
नगर देवबंद के विभिन्न नालों की सफाई कराने और शहर को आधुनिक एवं जन-अनुकूल बनाने के लिए कई विकास कार्यों को मंजूरी देने की बात कही गई है। मगर बरसात के दौरान जलभराव और गंदे पानी की समस्या से जूझने वाले क्षेत्रों के लोगों के लिए यह सवाल महत्वपूर्ण है कि हर वर्ष नालों की सफाई पर खर्च होने वाली धनराशि के बावजूद जलभराव की समस्या पूरी तरह खत्म क्यों नहीं हो पा रही है ? जनता यह भी जानना चाहती है कि जिन नालों की सफाई कराई जानी है, उनकी सूची क्या है, कार्य कब शुरू होगा और कितना बजट खर्च किया जाएगा।
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नगर पालिका बोर्ड ने शहर के विभिन्न स्थानों पर लगभग 50 वाटर कूलर स्थापित करने का प्रस्ताव स्वीकार किया है। यह योजना निश्चित रूप से जनता के लिए उपयोगी हो सकती है, लेकिन इसके साथ ही पारदर्शिता के सवाल भी खड़े होते हैं। वाटर कूलर किन स्थानों पर लगाए जाएंगे? उनकी खरीद और स्थापना पर कितना पैसा खर्च होगा? रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी होगी और खराब होने पर उन्हें ठीक कराने की व्यवस्था क्या होगी ? नगर पालिका को इन सभी सवालों का स्पष्ट जवाब सार्वजनिक करना चाहिए ताकि विकास योजनाओं पर जनता का विश्वास बना रहे।
बैठक में आगामी त्योहारों को देखते हुए स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था दुरुस्त करने और विभिन्न स्थानों पर सड़कों की रिपेयरिंग कराने का प्रस्ताव भी पारित किया गया है। लेकिन शहर के कई क्षेत्रों में लंबे समय से खराब स्ट्रीट लाइटों और अंधेरे वाले स्थानों को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि नगर पालिका को त्योहारों या विशेष अवसरों से पहले ही व्यवस्था सुधारने की जरूरत क्यों पड़ती है? नियमित निगरानी और रखरखाव की व्यवस्था क्यों नहीं है ? नगर पालिका की बोर्ड बैठक में कई प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किए जाने की बात कही गई है। बैठक में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी भी रही।
देवबंद की जनता केवल बैठकों में प्रस्ताव पारित होने की खबर नहीं, बल्कि साफ सड़कें, बेहतर सफाई, जलभराव से मुक्ति, सुचारु पेयजल व्यवस्था और वास्तविक विकास देखना चाहती है। जनता के सवाल है नगर पालिका परिषद देवबंद को सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए कि 50 वाटर कूलर किन स्थानों पर लगाए जाएंगे ? प्रत्येक योजना का कुल बजट कितना है ? नालों की सफाई किन-किन क्षेत्रों में होगी ? स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की जिम्मेदारी किस अधिकारी की होगी ? सीसीटीवी कैमरे कितने और किन स्थानों पर लगाए जाएंगे ? पहले से स्वीकृत विकास कार्यों में से कितने पूरे हो चुके हैं ? प्रत्येक प्रस्ताव को पूरा करने की समय-सीमा क्या है? क्योंकि जनता अब केवल प्रस्तावों और प्रेस नोटों से नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाले विकास से जवाब चाहती है।
रिपोर्ट - दीन रज़ा



