देवबंद पुलिस की साख पर बट्टा लगाती मंगलौर चौकी! चेकिंग के नाम पर आम जनता से वसूली, सटोरियों पर मेहरबानयां
- साहब! गरीब बाइक सवारों पर तो 'धुंआधार' कार्रवाई, लेकिन क्षेत्र को जुए-सट्टे का गढ़ बनाने वाले सटोरियों को जेल कब भेजेंगे गोविंद शरण?
- शादी हॉल बन रहे हैं सट्टे के अड्डे, सो रही है चौकी पुलिस, देवबंद कोतवाली प्रभारी की साख पर बट्टा लगाती मंगलौर चौकी
देवबंद। उत्तर प्रदेश पुलिस के आला अधिकारी जहाँ एक तरफ जनता से मित्र पुलिस जैसा व्यवहार करने और सड़कों पर आम नागरिकों को बेवजह परेशान न करने की सख्त हिदायत दे रहे हैं, वहीं देवबंद की मंगलौर पुलिस चौकी इन आदेशों को ठेंगा दिखाती नजर आ रही है मंगलवार की शाम को मंगलौर चौकी क्षेत्र में चेकिंग के नाम पर जो कुछ हुआ, उसने एक बार फिर खाकी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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एक तरफ जहाँ देवबंद कोतवाली प्रभारी (थाना अध्यक्ष) निरीक्षक कपिल देव लगातार क्षेत्र में साफ-सुथरी, पारदर्शी और ईमानदार कानून व्यवस्था बनाने के लिए कड़े कदम उठा रहे हैं, वहीं मंगलौर चौकी पुलिस उनके इन नेक इरादों पर पानी फेरने और अपनी मनमानी करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
मंगलवार शाम को मंगलौर चौकी प्रभारी गोविंद शरण और उनके हमराही सिपाहियों (पवन सिरोही, सत्येंद्र कुमार और कृष्ण कुमार) ने चौकी के पास ही एक सघन चेकिंग अभियान चलाया लेकिन स्थानीय लोगों और राहगीरों का सीधा आरोप है कि यह चेकिंग नियमों के पालन के लिए कम और 'टार्गेट पूरा करने' या 'वसूली' के इरादे से ज्यादा की जा रही थी संदिग्धों की तलाशी के नाम पर आम और शरीफ बाइक सवारों को सड़क पर खड़ा रखा गया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
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हद तो तब हो गई जब बेहद मामूली कमियों के आधार पर करीब आधा दर्जन गरीब और मध्यमवर्गीय दोपहिया वाहन चालकों के अंधाधुंध चालान काट दिए गए। इतना ही नहीं, मौके पर ही 15,000 रुपये का भारी-भरकम समन शुल्क भी वसूल लिया गया स्थानीय जनता का कहना है कि चौकी पुलिस सिर्फ उन सीधे-साधे लोगों को निशाना बना रही थी जो चालान के डर से पैसे देने को तैयार हो गए, जबकि कुछ रसूखदार वाहन चालकों को पुलिस ने सिर्फ 'हिदायत' देने का नाटक करके छोड़ दिया।
कार्रवाई के दौरान चौकी प्रभारी गोविंद शरण ने वाहन चालकों को नैतिकता का बड़ा पाठ पढ़ाते हुए कहा था कि आपकी लापरवाही दूसरों की जान जोखिम में डाल सकती है और घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है लेकिन अब क्षेत्र की जागरूक जनता चौकी प्रभारी से एक बड़ा और सीधा सवाल पूछ रही है क्या चौकी प्रभारी गोविंद शरण अपनी इसी 'धुंआधार शुरुआत' का इस्तेमाल उन सटोरियों और जुआरियों की धरपकड़ के लिए भी करेंगे, जिन्होंने पूरे मंगलौर चौकी क्षेत्र को अवैध सट्टेबाजी का गढ़ बना दिया है?
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सूत्रों और स्थानीय लोगों की मानें तो मंगलौर चौकी क्षेत्र में जनता की नजरों के सामने ही बड़े-बड़े शादी हॉल सट्टेबाजी के अड्डों में तब्दील हो चुके हैं। खुलेआम चल रहे जुए और सट्टे के इस काले कारोबार से क्षेत्र का माहौल पूरी तरह खराब हो रहा है लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि जिन चौकी प्रभारी को सड़क पर चलते आम इंसानों की मामूली कमियां तुरंत दिख जाती हैं उन्हें अपनी ही नाक के नीचे चल रहा यह करोडों का काला साम्राज्य दिखाई नहीं दे रहा!
जनता अब यह देखना चाहती है कि क्या मंगलौर चौकी प्रभारी इन शादी हॉलों में चल रहे अवैध धंधों पर ताला लगएंगे? इस काले कारनामे में संलिप्त कितने रसूखदार सटोरियों को वो जेल की हवा खिलाएँगे? या फिर पुलिस की यह 'सिंघम' वाली छवि सिर्फ गरीब बाइक सवारों का चालान काटने तक ही सीमित रहेगी?
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यह बात किसी से छिपी नहीं है कि देवबंद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कपिल देव अपराधियों पर नकेल कसने के पक्ष में हैं और थाने का रुख बेहद कड़ा है लेकिन मंगलौर चौकी पुलिस थाने के इन सख्त आदेशों का फायदा उठाकर एक तरफ तो आम जनता को प्रताड़ित कर रही है और दूसरी तरफ अवैध जुआ-सट्टा चलाने वालों को कथित तौर पर ढील दे रही है चौकी की इस कार्यप्रणाली से न सिर्फ पुलिस की छवि धूमिल हो रही है बल्कि कोतवाली थाने की मेहनत पर भी दाग लग रहा है अब देखना यह होगा कि देवबंद कोतवाली प्रभारी इस मामले का संज्ञान लेकर मंगलौर चौकी के इन कारनामों पर क्या एक्शन लेते हैं और क्षेत्र को जुए-सट्टे के इस जाल से कब मुक्ति मिलती है।
रिपोर्ट - दीन रज़ा

