कचरा, कहासुनी और कोहराम: देवबंद के राजूूपुर में मामूली बात पर चले लाठी-डंडे, 3 घायल!
देवबंद। कहा जाता है कि 'पड़ोसी ही आड़े वक्त में सबसे पहले काम आता है', लेकिन कभी-कभी छोटी-छोटी बातें और आपसी तालमेल की कमी पड़ोसियों को एक-दूसरे का दुश्मन बना देती है। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला उत्तर प्रदेश के देवबंद से सामने आया है, जहाँ महज़ एक नाली और थोड़े से कचरे को लेकर दो पक्षों में ऐसा संग्राम छिड़ा कि बात मारपीट तक पहुँच गई। इस पूरे हंगामे में एक मासूम किशोरी समेत तीन लोग घायल हो गए हैं।
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यह पूरी घटना देवबंद के कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजूूपुर गांव की है जानकारी के मुताबिक, गांव की एक गली में मुजम्मिल और नफीस के परिवार आमने-सामने रहते हैं। मंगलवार की सुबह सब कुछ सामान्य था। नफीस की 12 वर्षीय बेटी शहला अपने घर के बाहर गली में झाड़ू लगा रही थी शहला ने गली को साफ करने के चक्कर में वहाँ से निकला सारा कूड़ा-कचरा पास ही मौजूद नाली में डाल दिया।
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कूड़ा नाली में जाने की वजह से पानी का बहाव पूरी तरह रुक गया। कुछ ही देर में नाली का गंदा पानी सीधे मुजम्मिल के घर के ठीक सामने जाकर जमा हो गया। अपने घर के आगे गंदा पानी जमा देख मुजम्मिल की पत्नी सईदा बाहर आईं और उन्होंने इस पर आपत्ति जताई। इसके बाद नफीस की पत्नी रफत भी सामने आ गईं। पहले तो दोनों महिलाओं के बीच तीखी बहस और गाली-गलौज शुरू हुई, लेकिन गुस्सा इस कदर हावी हुआ कि दोनों के बीच लात-घूंसे और मारपीट शुरू हो गई अपनी माँ रफत को बीच सड़क पर पिटता देख 12 साल की मासूम शहला भी अपनी माँ को बचाने के लिए इस झगड़े में कूद पड़ी। लेकिन उग्र हो चुके इस विवाद में शहला को भी चोटें आईं और वह भी घायल हो गई। इस तरह इस मामूली विवाद में कुल तीन लोग जख्मी हो गए झगड़ा शांत होने के बाद परिजनों ने घायल महिलाओं और किशोरी को संभाला और गांव के ही एक निजी चिकित्सक (प्राइवेट डॉक्टर) के पास ले गए, जहाँ उनका प्राथमिक उपचार कराया गया।
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इस घटना को देखकर यह साफ होता है कि आज के दौर में लोगों के अंदर बर्दाश्त करने की क्षमता (धैर्य) कितनी कम होती जा रही है। जो समस्या महज़ नाली से कचरा हटाकर या शांति से बातचीत करके हल हो सकती थी, उसके लिए पड़ोसियों ने कानून और मर्यादा को ताक पर रख दिया।

