देवबंद में सियासी भूचाल भाजपा के कद्दावर नेता व निवर्तमान प्रबंधक दीपक राज सिंघल ने तोड़ी चुप्पी, विरोधियों के खिलाफ खोला मोर्चा
- विपक्षी खेमे में हड़कंप के.एल. जनता इंटर कॉलेज विवाद में अब तक शांत बैठे दीपक राज सिंघल के रौद्र रूप से सहमे विरोधी
- दीपक राज सिंघल के अंगारे उगलते तेवरों से सहमा विरोधी खेमा जल्द प्रेस वार्ता में सबूतों के साथ करेंगे महा-विस्फोट
- राजनीतिक दबाव में लिस्ट बदली, दम है तो चुनाव लड़कर दिखाएं अपनों पर ही बरसे कद्दावर भाजपा नेता दीपक राज सिंघल
देवबंद। प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान के.एल. जनता इंटर कॉलेज देवबंद को राजनीति का अखाड़ा बनाने की कोशिश कर रहे विरोधियों को अब बेहद करारा और मुंहतोड़ जवाब मिलने वाला है लंबे समय से चुप्पी साधे बैठे कॉलेज के निवर्तमान प्रबंधक और भारतीय जनता पार्टी भाजपा की जिला कार्य समिति के सम्मानित एवं कद्दावर सदस्य दीपक राज सिंघल ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी है उनकी इस चुप्पी के टूटने से देवबंद की स्थानीय राजनीति और विपक्षी खेमे में ज़बरदस्त हड़कंप मच गया है दीपक राज सिंघल ने सोशल मीडिया पर एक बेहद आक्रामक और तीखी पोस्ट साझा करते हुए अपने विरोधियों को खुली चुनौती दे डाली है उन्होंने साफ़ कर दिया है कि उनकी शराफत को उनकी कमजोरी समझने की भूल कतई न की जाए।
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अपनी बेदाग छवि और भाजपा संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले दीपक राज सिंघल ने अपने विरोधियों पर सीधा प्रहार किया है। उन्होंने कहा के.एल. जनता इंटर कॉलेज देवबंद को विवादित करने वाले सदस्य रोज मुझ पर नए-नए मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं मैं अपनी आदत के अनुसार अब तक चुप था मर्यादा का पालन कर रहा था परंतु पानी अब सिर से ऊपर जा चुका है अब चुप रहने का समय खत्म हो चुका है उन्होंने सीधे तौर पर ऐलान किया है कि वे बहुत जल्द एक धमाकेदार प्रेस वार्ता करने जा रहे हैं इस प्रेस वार्ता में वे सिर्फ मौखिक जवाब नहीं देंगे बल्कि पक्के सबूतों और दस्तावेज़ों के साथ उन लोगों को बेनकाब करेंगे जो खुद को दूध का धुला बता रहे हैं सिंघल ने चेतावनी दी है कि वे विरोधियों की कथित ईमानदारी और उनके समर्पण के पीछे छिपे काले कारनामों को जनता के सामने उजागर करके ही दम लेंगे।
दीपक राज सिंघल ने इस पूरे विवाद के पीछे एक बड़ी राजनीतिक साजिश की बू आने का भी इशारा किया है उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके द्वारा बनाए गए वैध सदस्यों को भारी राजनीतिक दबाव के चलते असंवैधानिक रूप से रद्द कर दिया गया है अब जो नई वोटिंग लिस्ट तैयार की गई है वह पूरी तरह विरोधियों के इशारे पर बनी है सिंघल ने खुली चुनौती देते हुए कहा अब तो वोटिंग लिस्ट पूरी तरह उन्हीं विरोधियों की है अगर इन तथाकथित दूध के धुले सदस्यों में ज़रा सा भी दम है तो वे इसी लिस्ट के सहारे मेरे सामने चुनाव लड़कर दिखाएं दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
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खबर के मुताबिक दीपक राज सिंघल की मंशा कभी भी विवाद को तूल देने की नहीं थी वे संस्थान की गरिमा को बचाना चाहते थे उन्होंने खुलासा किया कि उनकी पहले यह इच्छा थी कि विवाद को समाप्त करने के लिए वे अपने उप-प्रबंधक को ही प्रबंधक की कमान सौंप दें ताकि कॉलेज का माहौल न बिगड़े परंतु विरोधियों के लगातार बढ़ते नीच प्रहारों और झूठे आरोपों ने अब उन्हें कड़ा रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है सिंघल ने हुंकार भरते हुए कहा कि अब चुनाव लड़ना और इन विरोधियों को इनकी असली औकात दिखाना उनकी मजबूरी भी है और कर्तव्य भी।
दीपक राज सिंघल का यह आक्रामक अंदाज यह साफ़ बताता है कि वे अपने तरकश में विरोधियों को पस्त करने के लिए अचूक तीर तैयार कर चुके हैं चूंकि वे सत्ताधारी दल भाजपा की जिला कार्य समिति के रसूखदार सदस्य हैं ऐसे में उनके इस कड़े स्टैंड से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है देवबंद की जनता और कॉलेज से जुड़े लोग अब उस आगामी प्रेस वार्ता का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, जो विरोधियों के सियासी वजूद को हिलाकर रख देगी ये देखना भी दिलचस्प होगा कि खुद को पाक-साफ बताने वाले ये विरोधी अब दीपक राज सिंघल की इस खुली चुनौती का सामना कैसे करते हैं।



