शाइस्ता के ही नहीं ललिता के कार्ड से भी काट दिए दो यूनिट, डीलर की मनमानी के आगे बेबस विभाग के अधिकारी
- 6233 यूनिट 80 दिनों बाद रह गए 5334 यूनिट, 899 फ़र्जी यूनिट, या सांठगांठ कर सरकारी राशन के गबन का खेल
- महिला के दो दो पति दर्शा कर किसने चढ़ा दिए यूनिट, पति और बेटी दोनों के पिता एक ही केसे हो सकते हैं...?
- धारकों के कार्ड मे, दामाद, नन्द, सास, देवर, बहु, पोता, पोती, जेठ, भतीजा, भतीजी, तक के दर्ज हैं यूनिट।
- महिला को डीलर राजकुमार की धमकी मेरा कोई कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता
दैनिक बुलन्द भारत -- ब्यूरो सहारनपुर
दीन रज़ा सिद्दिकी
देवबंद-- देवबंद अपूर्ति विभाग का भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है आज ही क्षेत्र के अम्बैहटा शेखा की रहनी वाली राशन डीलर राजकुमार के उत्पीडन का शिकार शाइस्ता ही नहीं ललिता देवी भी हैं जिन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि राशन डीलर कभी भी उनको पूरा राशन नहीं देता है।
उन्होंने बताया कि उनके राशन कार्ड मे इस से पूर्व परिवार के सात यूनिट दर्ज थे फ़िर भी राशन डीलर मुझे पांच यूनिट का ही राशन देता था दो यूनिट का राशन स्वयं रख लेता था जब मेने पूरा 7 यूनिटों का राशन लेने का प्रयास किया तो डीलर ने दो यूनिट कटवा दिए और महिला को धमकी दी कि चाहे जो कुछ कर लो मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।
महिला बताती हैं कि अब उनके कार्ड मे 5 यूनिट है मेरे फिंगर भी डीलर ने ले लिए और अब कह रहा है कि 4 यूनिट का राशन ले जाना और एक यूनिट का राशन स्वयं रखूँगा नहीं तो मे तेरा राशन कार्ड ही डिलीट करा दूंगा पीड़ित महिला ने आला अधिकारियों से गुहार लगाई है कि उसके 7 यूनिट पूरे किए जाएं और फ़िलहाल उसको पूरा पांच यूनिट का राशन दिलाया जाए।
ये तो आज की बात अब कुछ गुज़रे हुए दिनों की बात करते हैं आज से 80 दिन पहले ग्राम पंचायत अम्बैहटा शेख मे 6233 यूनिट थे मग़र आज 80 दोनों के बाद 5334 यूनिट रह गए हैं ग्राम पंचायतअम्बैहटा शेखा का 9 हजार से अधिक का पोल है जबकि आप सभी जानते हैं कि वोट देने और राशन लेने की उम्र किया होती है।
सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण ये है कि अम्बैहटा शेखा के कार्ड धारकों के कार्डों मे, दामाद, नन्द, सास, देवर, बहु, पोता, पोती, जेठ, भतीजा, भतीजी, के भी यूनिट अंकित हैं इसको फ्रॉड की दृष्टि से बिल्कुल भी नहीं देखा जाना चाहिए ग्राम की ही कार्ड धारक मुनेश के कार्ड मे अरविंद और हिमांशु दो दो शौहर दर्शाया गया है इसको किसी भी समाज के अपमान के रूप मे नहीं देखा जाना चाहिए ये बस कुछ भ्रष्टाचारियों की सांठगांठ का मामला है।
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वही उस से भी ग़ज़ब तो ये है कि गाँव की कार्ड धारक अमरेश के कार्ड मे सतवीर सिंह दामाद, रजत पति, रितिक बेटा, अंकित है ग़ज़ब ये हैं तीनों के पिता एक ही हैं सतबीर इसको भी किसी समाज से जोड़ने की कोशिश नहीं करनी है ग्राम की ही धारक परवीन बनो के कार्ड मे मुहम्मद तस्लीम शौहर, मोहम्मद मोहसिन बेटा, मुर्शिदा नंद, शालो सास, मुहम्मद मोहतसीम देवर, अंकित हैं सितम ये के सभी के पिता जी एक ही हैं सलीम, एक बेटी नाज़िया भी दर्ज है मगर उसके पिता जी तस्नीम हैं इस प्रकार के बहुत सारे मामले हैं सबको लिख पाना अभी मुमकिन नहीं हाँ आगे जरूर बतायेंगे
देवबंद के अपूर्ति विभाग मे आपूर्ति निरीक्षक मोहिनी मिश्रा से ज्यादा क्या राजकुमार डीलर की चलती है





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