देवबंद बेरियान मोहल्ले में ट्रैक्टर की टक्कर से जमींदोज हुआ बिजली का खंभा, मची भगदड़!
- हादसे के एक घंटे बाद मोके पर पहुंचा विभाग, चिंगारियां उठीं, जान बचाने को भागे लोग और गहरी नींद सोता रहा देवबंद बिजली विभाग!
- आखिर कब तक SDO के खोखले वादों की कीमत चुकाएगी जनता ?
देवबंद। देवबंद का फुर्तीला विद्युत विभाग, जब असल में जनता की जान पर बन आती है, तो कैसे कुंभकर्णी नींद सोता है, इसका एक और नजारा शुक्रवार को देखने को मिला। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे, मोहल्ला बेरियान से पठानपुरा मार्ग की ओर बजरी से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जा रही थी। अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित हुआ और सड़क किनारे लगे विद्युत पोल से इतनी जोरदार टक्कर मारी कि खंभा तुरंत जमींदोज हो गया। टक्कर इतनी भयानक थी कि तारों से तेज चिंगारियां निकलने लगीं। गनीमत रही कि कोई बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन बीच सड़क पर मौत को इस तरह गिरते देख वहाँ मौजूद लोगों में भारी भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
हादसे के तुरंत बाद बिजली आपूर्ति ठप हो गई और मोहल्ले के लोगों ने तत्काल ऊर्जा निगम के अधिकारियों को सूचना दी। लेकिन करोड़ों के राजस्व घाटे वाले 'टाउन फीडरों' की रखवाली में व्यस्त इन अधिकारियों को मौके पर पहुँचने में पूरा एक घंटा लग गया। क्य़ा जेई (JE) और टीजी-2 (TG-2) ज़वाब देंगे कि सरेआम हुए इतने बड़े हादसे के बाद 1 घंटे तक कहाँ गायब थे? अगर तारों में करंट दौड़ रहा होता और कोई बड़ा हादसा हो जाता, तो इसका जिम्मेदार कौन होता?
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एक घंटे की देरी के बाद आखिरकार ऊर्जा निगम के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त पोल व तारों को दुरुस्त करने का काम शुरू किया। इस पूरे मामले पर हमेशा की तरह 'खामोश' रहने वाले एसडीओ (SDO) संतोष कुमार ने अपना रटा-रटाया बयान देते हुए कहा कि जल्द ही पोल की मरम्मत कर विद्युत आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। एसडीओ साहब की यह जल्दबाजी केवल बयानों तक सीमित है, क्योंकि जमीनी हकीकत देवबंद की जनता भली-भांति जानती है कि विभाग के ये खोखले वादे और सुस्त रवैया किसी दिन शहर में कोई बहुत बड़ा हादसा करवा कर ही मानेगा।
रिपोर्ट - दीन रज़ा

