देवबंद से उठी महिलाओं के स्वास्थ्य की अलख, जामिया तिब्बिया में गूंजा ‘आनंदी मां–एक जीवन बचाओ अभियान’ का संदेश
- ‘एक स्वस्थ मां, स्वस्थ परिवार और सशक्त राष्ट्र की नींव’— जामिया तिब्बिया में कैंसर जागरूकता अभियान का आयोजन
- स्तन व सर्वाइकल कैंसर से बचाव को लेकर महिलाओं को किया जागरूक, जामिया तिब्बिया में विशेषज्ञों ने समय पर जांच का दिया संदेश
देवबंद। महिलाओं को कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियों के प्रति जागरूक करने तथा समय रहते जांच और उपचार के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से बुधवार को जामिया तिब्बिया, देवबंद में एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय राज्यपाल, उत्तर प्रदेश के संरक्षण में संचालित "आनंदी मां – एक जीवन बचाओ अभियान" एवं "कैंसर मुक्त भारत यात्रा" के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें चिकित्सकों, शिक्षकों, छात्रों और स्वास्थ्य कर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम में बताया गया कि स्त्री वेलफेयर फाउंडेशन, लखनऊ द्वारा यह अभियान 10 मई 2026 से 15 अगस्त 2026 तक पूरे उत्तर प्रदेश में जनआंदोलन के रूप में चलाया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर तथा एचपीवी (HPV) वायरस के प्रति जागरूक करना, समय पर जांच कराने की आदत विकसित करना तथा शीघ्र उपचार के लिए प्रेरित करना है, ताकि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से होने वाली मौतों को रोका जा सके। कार्यक्रम का संचालन डॉ. निकहत सज्जाद ने किया। मुख्य वक्ता प्रो. रिहाना अलवी ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए और किसी भी छोटी बीमारी या असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीमारी चाहे छोटी ही क्यों न लगे, तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है। उन्होंने सभी महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई स्वास्थ्य समस्या न भी हो, तब भी हर पांच से छह महीने में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराना चाहिए। समय पर जांच और सही इलाज से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का सफलतापूर्वक मुकाबला किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि "एक स्वस्थ मां ही स्वस्थ परिवार और सशक्त राष्ट्र की नींव होती है।" इसलिए प्रत्येक महिला को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए और नियमित जांच को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य चिकित्सकों ने भी महिलाओं को संतुलित जीवनशैली अपनाने, पौष्टिक भोजन, नियमित व्यायाम, स्वच्छता तथा समय-समय पर चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी। वक्ताओं ने कहा कि जागरूकता ही कैंसर के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है और समय रहते बीमारी की पहचान होने पर इसका उपचार पूरी तरह संभव है।
अभियान के अंतर्गत महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए "आनंदी मां जीवन कार्ड", "आनंदी मां हेल्थ प्वाइंट" तथा "मोहल्ला क्लीनिक" जैसी महत्वपूर्ण पहल की जानकारी भी दी गई। इन माध्यमों से महिलाओं को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अतिरिक्त प्रदेशभर में जागरूकता रैलियां, मैराथन, नुक्कड़ नाटक, स्वास्थ्य शिविर और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित कर अधिक से अधिक महिलाओं तक इस अभियान का संदेश पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. अनवर सईद, डॉ. अख्तर सईद, डॉ. शाइस्ता परवीन, डॉ. रिहाना अलवी, डॉ. रिफत अली मीर, डॉ. नासिर अली खान तथा डॉ. अनीस अहमद सहित अनेक चिकित्सकों ने अपने विचार व्यक्त किए और महिलाओं से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी चिकित्सकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि वे "आनंदी मां – एक जीवन बचाओ अभियान" को घर-घर तक पहुंचाने और महिलाओं को कैंसर के प्रति जागरूक कर एक स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। यह कार्यक्रम केवल एक जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित और समाज को कैंसर मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया, जिसने उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का सशक्त संदेश दिया।
रिपोर्ट - दीन रज़ा





