अखिलेश यादव से मिले बुढ़ाना-चरथावल के सपा नेता! मिशन 2027 को लेकर लखनऊ में मंथन, संगठन विस्तार पर हुई बड़ी चर्चा
- पी.डी.ए. अभियान से खुश हुआ सपा नेतृत्व! डॉ. सत्येंद्र पाल की गांव-गांव पकड़ पर अखिलेश यादव ने जताया भरोसा
- मुजफ्फरनगर से लखनऊ तक सपा की ताकत का प्रदर्शन! बुढ़ाना और चरथावल के नेताओं ने रखा जनता का फीडबैक, मिशन 2027 की तैयारियां तेज
- पी.डी.ए. अभियान और मिशन 2027 पर लखनऊ में सपा का बड़ा मंथन, डॉ. सत्येंद्र पाल और रविंद्र प्रधान जोगी ने रखी क्षेत्र की नब्ज
लखनऊ/मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश की राजनीति में मिशन 2027 को लेकर सरगर्मियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित जनपद मुजफ्फरनगर के कार्यकर्ता सम्मेलन में बुढ़ाना और चरथावल विधानसभा क्षेत्र के कई प्रमुख नेताओं ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर नेताओं ने क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति, जनभावनाओं और संगठनात्मक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में बुढ़ाना विधानसभा से सक्रिय सपा नेता डॉ. सत्येंद्र पाल और चरथावल-बुढ़ाना क्षेत्र में संगठनात्मक जिम्मेदारी निभा रहे रविंद्र प्रधान जोगी विशेष रूप से चर्चा के केंद्र में रहे। सूत्रों के अनुसार पिछले दो वर्षों से बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र में पी.डी.ए. (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज को जोड़ने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों और सामाजिक अभियानों की रिपोर्ट सपा नेतृत्व तक लगातार पहुंच रही थी।
देवबंद समाधान दिवस में 68 फरियादी पहुंचे, लेकिन सिर्फ 5 शिकायतों का निस्तारण
इसी कड़ी में डॉ. सत्येंद्र पाल ने अखिलेश यादव से मुलाकात कर क्षेत्र की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति से अवगत कराया। बताया जाता है कि गांव-देहात में उनकी सक्रियता और जनसंपर्क अभियानों को लेकर सपा नेतृत्व ने संतोष व्यक्त किया। सपा सुप्रीमो ने विधानसभा क्षेत्र में चल रहे सामाजिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों की जानकारी लेते हुए आगामी रणनीति पर भी चर्चा की।
देवबंद की सोलर लाइटों का ‘महाघोटाला’ या महालापरवाही? खंभे खड़े, पैनल गायब और शहर डूबा अंधेरे में!
सम्मेलन के दौरान रविंद्र प्रधान जोगी ने भी अखिलेश यादव से मुलाकात कर बुढ़ाना और चरथावल विधानसभा क्षेत्रों के जनमानस की प्रतिक्रिया से अवगत कराया। बताया गया कि सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने गत माह रविंद्र प्रधान जोगी को अति पिछड़ी जातियों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जाकर समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसी अभियान के तहत गांव-गांव पहुंचकर संगठन को मजबूत करने का कार्य किया जा रहा है। मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने संगठन की वर्तमान स्थिति, बूथ स्तर की तैयारियों और आगामी चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुजफ्फरनगर से सांसद हरेंद्र मलिक, विधायक पंकज मलिक, सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी, डॉ. सत्येंद्र पाल, रविंद्र प्रधान जोगी, अकरम खान, अनेश निर्वाल जोगी, जितेंद्र कश्यप, साहिब अंसारी, शाहिद बालियान, नूर मोहम्मद, शावेज राव, ठाकुर चंद्रपाल सिंह, इम्तियाज कुरेशी, इकबाल कुरेशी, इमरान प्रधान, हसीन कुरेशी, साहिब कुरेशी सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में बुढ़ाना और चरथावल विधानसभा सीटों का विशेष महत्व है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व द्वारा लगातार इन क्षेत्रों की समीक्षा और संगठनात्मक मजबूती पर जोर देना यह संकेत देता है कि समाजवादी पार्टी मिशन 2027 को लेकर अभी से पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुकी है।
लखनऊ में हुई यह बैठक केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे मिशन 2027 की तैयारियों की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। पी.डी.ए. समीकरण को मजबूत करने, गांव-गांव संगठन को सक्रिय करने और जनता के बीच सीधा संवाद बढ़ाने की रणनीति पर जिस तरह चर्चा हुई है, उससे साफ है कि समाजवादी पार्टी आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर कोई कसर छोड़ने के मूड में नहीं है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इन बैठकों और रणनीतियों का असर आगामी राजनीतिक समीकरणों पर कितना पड़ता है।

