ऑपरेशन सवेरा" का बड़ा वार! 1 करोड़ 20 लाख की स्मैक के साथ शातिर नशा तस्कर गिरफ्तार, तमंचा और कारतूस भी बरामद
- नशे के सौदागरों पर सहारनपुर पुलिस का शिकंजा! 600 ग्राम अवैध स्मैक बरामद, करोड़ों के नेटवर्क की जांच शुरू
- नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर" — ऑपरेशन सवेरा के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तस्करों में मचा हड़कंप
सहारनपुर। नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए चलाए जा रहे "ऑपरेशन सवेरा" के तहत सहारनपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना गागलहेड़ी पुलिस और स्वॉट टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक शातिर नशा तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जिसके कब्जे से लगभग 600 ग्राम अवैध स्मैक, एक 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई सहारनपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे के दलदल से बचाना और नशा तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करना है।
सहारनपुर रेंज में पिछले कुछ समय से ऑपरेशन सवेरा के तहत नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत केवल तस्करों की गिरफ्तारी ही नहीं बल्कि उनके आर्थिक नेटवर्क और अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे का कारोबार केवल अपराध नहीं बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर हमला है। इसलिए ऐसे अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि उसके तार किसी बड़े नशा तस्करी गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि स्मैक कहां से लाई गई थी और इसे किन क्षेत्रों में सप्लाई किया जाना था। सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई अन्य तस्करों और सप्लायरों के नाम भी सामने आ सकते हैं, जिसके बाद पुलिस जल्द ही आगे की कार्रवाई कर सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्मैक और अन्य मादक पदार्थों का कारोबार लगातार युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज को नशे के खतरे से बचाने की दिशा में भी बड़ा कदम मानी जा रही है। नशा तस्कर केवल जहर नहीं बेचते, बल्कि परिवारों की खुशियां, युवाओं का भविष्य और समाज की शांति भी छीन लेते हैं। सहारनपुर पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली लड़ाई तब जीती जाएगी जब नशे के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा। जरूरत है कि ऐसे तस्करों पर केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई और संपत्तियों पर भी कड़ा प्रहार किया जाए ताकि कोई दूसरा व्यक्ति इस रास्ते पर चलने की हिम्मत न कर सके।

