पूर्व PM चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर जाट भवन में गोष्ठी 'उनकी नीतियों पर चलकर ही बनेगा विकसित भारत
- चौधरी चरण सिंह एक व्यक्ति नहीं, पूरी संस्था थे। भगत सिंह वर्मा
- 26 जिलों को मिलाकर बने पृथक पश्चिम प्रदेश समय की सबसे बड़ी मांग
सहारनपुर। देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न से सम्मानित चौधरी चरण सिंह जी की पुण्यतिथि के अवसर पर आज सहारनपुर के जाट भवन में एक भव्य और विचारणीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 'आर्य जाट समाज निर्माण समिति' के जिला अध्यक्ष चौधरी बख्तावर सिंह जी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल उनके सिद्धांतों को याद किया गया, बल्कि देश और समाज की दशा-दिशा पर भी गंभीर मंथन हुआ कार्यक्रम की शुरुआत बेहद पवित्र माहौल में हवन-यज्ञ के साथ हुई। इसके बाद चौधरी चरण सिंह जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर जाट भवन के सामने टपरी रोड बाईपास से गुजरने वाले राहगीरों को गर्मी से राहत देने के लिए शरबत का वितरण भी किया गया।
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विचार गोष्ठी को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन (वर्मा) और पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा चौधरी चरण सिंह जी महज़ एक राजनेता या व्यक्ति नहीं थे, बल्कि अपने आप में एक संपूर्ण संस्था थे। वे एक महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के साथ-साथ ईमानदारी की ऐसी मिसाल थे, जिसका दूसरा कोई सानी नहीं है भगत सिंह वर्मा ने उनके योगदान को रेखांकित करते हुए निम्नलिखित प्रमुख बातें कहीं चौधरी साहब सिर्फ किसानों के ही नेता नहीं थे, बल्कि उन्होंने मजदूरों, गरीबों, वंचितों, मजलूमों और छोटे व्यापारियों की उन्नति के लिए भी ऐतिहासिक कार्य किए दिल्ली के लुटियंस ज़ोन में बैठे नेताओं को आज चौधरी साहब की आर्थिक नीतियों को गंभीरता से समझना होगा। उनकी नीतियों पर चलकर ही भारत सचमुच 'विकसित भारत' बन सकता है।
गोष्ठी के दौरान एक बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा भी गूंजा भगत सिंह वर्मा ने याद दिलाया कि चौधरी चरण सिंह जी हमेशा छोटे-छोटे राज्यों के पक्षधर थे और उन्होंने समय-समय पर पृथक पश्चिम प्रदेश के निर्माण की वकालत की थी वर्मा जी ने पुरज़ोर शब्दों में कहा कि अब वह समय आ गया है जब सभी संगठनों और यहाँ की 8 करोड़ जनता को एकजुट होकर 26 जिलों को मिलाकर पृथक पश्चिम प्रदेश के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए आज के समय में विकास और व्यवस्था के लिहाज से यह सबसे बड़ी आवश्यकता है कार्यकम की अध्यक्षता कर रहे आर्य जाट समाज निर्माण समिति के जिला अध्यक्ष चौधरी बख्तावर सिंह जी ने चौधरी साहब के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए उनके एक ऐतिहासिक फैसले को याद किया वर्ष 1967 में जब चौधरी चरण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने गन्ना किसानों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए गन्ने का दाम 12 रुपये प्रति कुंतल से सीधे 40% से अधिक बढ़ाकर 17 रुपये प्रति कुंतल कर दिया था। प्रतिशत के लिहाज से आज तक किसी भी मुख्यमंत्री ने इतनी बड़ी बढ़ोतरी नहीं की है।
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चौधरी साहब किसान और गरीबों की नब्ज पहचानने वाले एक महान अर्थशास्त्री भी थे। आज के युवाओं को उनकी लिखी किताबों को पढ़ना चाहिए और उनके विचारों को जीवन में आत्मसात करना चाहिए। इस विचार गोष्ठी में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिकों, बुद्धिजीवियों और किसान नेताओं ने अपने विचार रखे। गोष्ठी को मुख्य रूप से संबोधित करने वालों मे पूर्व ब्लाक प्रमुख चौधरी विजेंद्र सिंह, मास्टर रणवीर सिंह, पुष्पेंद्र चौधरी, समाजसेवी सत्येंद्र सोलंकी, रूपेंद्र डायरेक्टर, चौधरी रामकुमार, शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष मास्टर स्वतंत्र सिंह, जिला उपाध्यक्ष सुभाष चौधरी, जिला महामंत्री मास्टर कृपाल सिंह, जिला कोषाध्यक्ष चौधरी धीरज सिहं चौधरी रामवीर सिंह, मास्टर गुरदीप सिंह और विकास आर्य आदि शामिल रहे सभी वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि चौधरी साहब की पुण्यतिथि पर उन्हें सबसे सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम सब मिलकर उनके सिद्धांतों और ईमानदारी के रास्ते पर चलें।
रिपोर्ट - दीन रज़ा



