दो सभासदों ने पूर्व विधायक शशि बाला पुंडीर को कहा 'झूठा', तो भड़कीं पूर्व विधायक; ग्राउंड पर उतरकर औकात दिखाने की दी खुली चुनौती
- 17 सभासदों पर बरसीं पूर्व विधायक: "अपने वार्ड की सफाई तक नहीं करा पा रहे" मुझे झूठा कहने वाले मेरे साथ चलें, मैं दिखाऊंगी विकास की असली औकात
- जनता के बीच खुली पंचायत की चुनौती बिना सत्ता के छटपटा रहे हैं कुछ लोग, शौचालय पर भी वोट की सियासत करने वाले सत्ता के भूखे हैं
देवबंद। नगर पालिका परिषद देवबंद की सियासत में उस समय उबाल आ गया, जब पालिका के दो सभासदों ने क्षेत्र की पूर्व विधायक शशि बाला पुंडीर पर विकास कार्यों को लेकर 'झूठ' बोलने और अफवाह फैलाने का सीधा आरोप जड़ दिया। दो सभासदों की इस हिमाकत और सीधे आरोपों पर पूर्व विधायक का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। उन्होंने इन आरोपों पर अब तक का सबसे आक्रामक पलटवार करते हुए सोशल मीडिया के जरिए विरोधियों की धज्जियां उड़ा दी हैं। पूर्व विधायक ने खुद को झूठा बताने वाले नेताओं को ललकारते हुए साफ कह दिया है कि अगर हिम्मत है तो एसी कमरों से बाहर निकलकर 'ग्राउंड जीरो' पर आएं और अपनी आंखों से पालिका का 'सड़ा हुआ' विकास देखें।
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दो सभासदों द्वारा लगाए गए आरोपों से भड़कीं पूर्व विधायक शशि बाला पुंडीर ने बिना वक्त गंवाए करारा जवाब दिया है। उन्होंने अपने विरोधियों को सीधी चुनौती देते हुए कहा, एक-दो सभासदों ने कहा है कि मैं देवबंद के विकास के बारे में झूठ बोल रही हूं। मैं उन्हें खुली चुनौती देती हूं कि वे मेरे साथ चलें। आप जिस भी मोहल्ले में चलना चाहते हो, मेरे साथ कदम बढ़ाओ, मैं खुद आपको वहां चलकर देवबंद के विकास का असली और बदसूरत चेहरा दिखाऊंगी। पूर्व विधायक ने घोषणा की है कि वह किसी भी मोहल्ले से इस रियलिटी चेक की शुरुआत करने को तैयार हैं, और इसकी शुरुआत 'मोहल्ला दगड़ा' से ही की जाए। उन्होंने कहा कि वह जमीन पर उतरकर नेताओं को वहां फैली गंदगी और बजबजाती नालियां दिखाएंगी, ताकि झूठ और सच का फैसला तुरंत हो सके।
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इसके साथ ही उन्होंने पालिका द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि जो पुलियां बनाई गई हैं, जिन पर स्लैब डाले गए हैं, क्या वे वास्तव में नई सामग्री से बने हैं या पुरानी स्लैब को ही उठाकर दोबारा रख दिया गया है? पूर्व विधायक ने इस पूरे खेल की टेक्निकल (तकनीकी) जांच कराने की हुंकार भरी है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके कि धरातल पर क्या माल गिरा है और क्या नहीं गिरा है पूर्व विधायक ने पालिका के जनप्रतिनिधियों की नाकामी को उजागर करते हुए कहा कि नगर में 17 सभासद होने के बावजूद वे अपने-अपने मोहल्लों की ठीक से सफाई तक सुनिश्चित नहीं करा पा रहे हैं और चले हैं दूसरों को झूठा बताने। उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वह विरोधियों के सर्टिफिकेट की मोहताज नहीं हैं और जल्द ही नगर के हर मोहल्ले का तूफानी दौरा करेंगी। वह सीधे जनता के बीच जाकर नालियों और सफाई व्यवस्था की पोल खोलेंगी।
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नेताओं द्वारा विकास कार्यों का जबरन श्रेय लेने की होड़ पर पूर्व विधायक ने तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि आज हालात ऐसे हो गए हैं कि अगर कोई अपनी सड़क का निर्माण कराता है तो उस पर तुरंत अपना बोर्ड टांग देता है, और यदि शौचालय-मूत्रालय भी बनता है तो उस पर भी अपने वोट का ठप्पा लगाने की घटिया सियासत की जाती है। उन्होंने पूर्व चेयरमैन जियाउद्दीन के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वह एक बेहद प्रभावशाली नेता थे। उन्होंने कहा, *"अगर उन्होंने 'मां बाला सुंदरी जी गेट' का निर्माण कराया है, तो उस पर जियाउद्दीन जी का नाम लिखा होना चाहिए था। मैंने इसमें कौन सी गलत या बुरी बात कह दी, जिस पर इन लोगों को मिर्ची लग गई?
शशि बाला पुंडीर ने सीधे तौर पर पालिका की सत्ता के इर्द-गिर्द घूमने वाले नेताओं पर प्रहार करते हुए कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जो सत्ता के बिना जी नहीं सकते और वे बिना सत्ता के छटपटा रहे हैं, उन्हें जनता के विकास से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने देवबंद की जनता को आश्वस्त किया कि एक पूर्व विधायक और जनसेवक के रूप में वह देवबंद के हर वार्ड के हर एक व्यक्ति के साथ मजबूती से खड़ी हैं। जब भी कोई नागरिक उन्हें अपनी समस्या बताता है, वह तुरंत एक्शन लेते हुए उसे हल कराती हैं। उन्होंने विरोधियों को ललकारते हुए कहा कि वे बंद कमरों में आरोप लगाने के बजाय जनता के बीच आकर खुली बहस और पंचायत करें, ताकि जनता खुद तय कर सके कि सच्चा कौन है और झूठा कौन।

