सड़क पर हाथापाई से लेकर अस्पताल में हाईवोल्टेज ड्रामे तक! देवबंद CHC के वायरल वीडियो का क्या है असली सच ?
- रेफर करने पर भड़के तीमारदार या वाकई खेल था रिश्वत का? देवबंद स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर-तीमारदार के बीच महासंग्राम
- देवबंद CHC वायरल वीडियो: बीच सड़क पर हुई टक्कर के बाद अस्पताल में बवाल, आरोपों पर अधीक्षक डॉ. रिंका चौधरी का करारा पलटवार
देवबंद। सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था और तीमारदारों के बीच का टकराव अक्सर चर्चा का विषय बनता है, लेकिन सहारनपुर के देवबंद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से जो तस्वीर सामने आई है, उसने सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक में खलबली मचा दी है। अस्पताल परिसर का एक वीडियो तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक तीमारदार चीख-चीखकर ऑन-ड्यूटी डॉक्टर पर मेडिकल रिपोर्ट बनाने के नाम पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगा रहा है। लेकिन क्या यह सिक्का का सिर्फ एक ही पहलू है? हमारे निजी संवाददाता ने इस सनसनीखेज मामले की तह तक जाने के लिए सीधे देवबंद अस्पताल का रुख किया। आइए जानते हैं सड़क पर हुई एक टक्कर से लेकर अस्पताल के बंद कमरों तक की पूरी इनसाइड स्टोरी।
इस पूरे विवाद की पटकथा अस्पताल में नहीं, बल्कि देवबंद की सड़कों पर लिखी गई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बीते रविवार की है। देवबंद के बैरून कोटला इलाके के रहने वाले कुछ युवक अपनी स्कूटी से घर की तरफ आ रहे थे। जैसे ही वे तलहेड़ी चुंगी के पास पहुंचे, उनकी स्कूटी की टक्कर वहां के एक दूध डेयरी संचालक से हो गई। मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते एक बड़े बवाल का रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच बीच-सड़क पर जमकर लात-घूंसे और हाथापाई शुरू हो गई। इस मारपीट में स्कूटी सवार एक युवक को गंभीर चोटें आईं। मामला जैसे ही स्थानीय पुलिस के संज्ञान में आया, पुलिस ने फौरन दखल देकर जांच शुरू की और घायल युवक को मेडिकल परीक्षण (MDR) के लिए देवबंद CHC भेजा।
असली हंगामा तब शुरू हुआ जब घायल युवक के परिजनों ने अस्पताल में तैनात डॉक्टर पर मेडिकल करने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप जड़ दिया। तीमारदार ने गुस्से में आकर अपने मोबाइल का कैमरा ऑन कर लिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि 'कर्मचारी ड्यूटी कक्ष' के ठीक बाहर तीमारदार और डॉक्टर के बीच तीखी बहस हो रही है। तीमारदार कैमरे के सामने चिल्लाते हुए कहता है ये डॉक्टर साहब सबसे पैसे मांग रहे हैं... इन्होंने दूसरों से तो पैसे ले लिए, लेकिन हमसे नहीं मिले तो हमारे बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट में (चोट का विवरण) ही नहीं दे रहे थे! वीडियो में जब तीमारदार सीधे भ्रष्टाचार का आरोप लगाता है, तो डॉक्टर साहब भी अपना आपा खोते नजर आते हैं। वे तुरंत कैमरे के सामने अपने दोनों खाली हाथ खड़े कर देते हैं और अपनी जेबें दिखाते हुए कहते हैं कि उन्होंने कोई पैसा नहीं लिया है। माहौल को बिगड़ता देख डॉक्टर साहब तुरंत केबिन के अंदर चले जाते हैं और अंदर से कुंडी लगा लेते हैं। वहीं अस्पताल के गलियारे में सुरक्षाकर्मी और स्टाफ असहाय खड़े दिखाई देते हैं।
जब इस वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमारे निजी संवाददाता ने देवबंद अस्पताल की अधीक्षक डॉ. रिंका चौधरी से तीखे सवाल किए, तो उन्होंने तीमारदारों के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरी कहानी का दूसरा पहलू सामने रख दिया। "डॉक्टर पर लगाए गए पैसे लेने और रिश्वत मांगने के सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद, मनगढ़ंत और निराधार हैं। पीड़ित युवक का मेडिकल परीक्षण डॉक्टरों द्वारा पूरी ईमानदारी और तय मानकों के अनुरूप ही किया गया था। चूंकि युवक को अंदरूनी और बाहरी चोटें काफी गंभीर थीं, इसलिए उसकी स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर (उच्च केंद्र) रेफर करने का फैसला लिया।
मरीज के परिजन उसे रेफर किए जाने की बात से बुरी तरह भड़क गए। वे बिना बात अस्पताल में हंगामा करने लगे और डॉक्टरों पर दबाव बनाने की कोशिश की। जब डॉक्टर अपने कर्तव्य पर अड़े रहे, तो परिजनों ने खुन्नस में आकर ऑन-ड्यूटी डॉक्टर को बदनाम करने और उन पर दबाव बनाने के लिए यह झूठा वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर बेबुनियाद आरोप मढ़ दिए।
यह मामला इस बात का सटीक उदाहरण है कि कैसे आज के दौर में मोबाइल कैमरा एक हथियार बन चुका है, जिसका इस्तेमाल कभी-कभी सच को दबाने या प्रशासनिक अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाने के लिए भी किया जा सकता है। एक तरफ जहां घायल मरीज के परिजनों का गुस्सा और पैनिक होना समझ आता है, वहीं दूसरी तरफ डॉक्टरों की सुरक्षा और उनके फैसले का सम्मान करना भी बेहद जरूरी है। अगर चोट गंभीर थी, तो डॉक्टर का रेफर करना मरीज की जान बचाने के लिए था, न कि अपनी जिम्मेदारी से भागने के लिए। इस मामले में पुलिस अब दोनों पक्षों (सड़क पर हुई मारपीट और अस्पताल के हंगामे) की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है। बहुत जल्द दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

