देवबंद कोर्ट में फिर गूंजा 2017 का चर्चित गोलीकांड! कड़ी सुरक्षा में पेश हुआ नीरज बवाना, दर्ज हुए अहम बयान
- डॉ. अनुज गोयल हमला केस में बड़ा मोड़: नीरज बवाना की पेशी से फिर गरमाई सियासत और कानूनी बहस
- नौ साल पुराना हाई-प्रोफाइल मामला फिर सुर्खियों में! देवबंद कोर्ट पहुंचा नीरज बवाना, सुरक्षा के रहे अभूतपूर्व इंतजाम
देवबंद। वर्ष 2017 में देवबंद के चर्चित चिकित्सक डॉ. अनुज गोयल पर हुए जानलेवा हमले का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। करीब नौ वर्ष पुराने इस हाई-प्रोफाइल केस में गुरुवार को उस समय नया घटनाक्रम देखने को मिला, जब दिल्ली की जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवाना को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देवबंद एडीजे न्यायालय में पेश किया गया। नीरज बवाना की पेशी को लेकर सुबह से ही न्यायालय परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई थी। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की विशेष निगरानी के चलते पूरा कोर्ट परिसर छावनी जैसा नजर आया। आम लोगों की आवाजाही पर भी पैनी नजर रखी गई और सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब 11 बजे नीरज बवाना को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। न्यायालय में करीब 20 मिनट तक चली कार्यवाही के दौरान उसके बयान दर्ज किए गए। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे दोबारा सुरक्षा घेरे में लेकर दिल्ली रवाना कर दिया गया। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में देवबंद के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. अनुज गोयल पर उनकी ही क्लीनिक में जानलेवा हमला हुआ था। उस समय हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने नीरज बवाना को नामजद आरोपी बनाया था और तभी से यह मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है।
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गुरुवार को हुई पेशी के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा के केंद्र में आ गया है। अदालत में दर्ज हुए बयानों को मुकदमे की सुनवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, सुनवाई के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर सुरेंद्र पाल सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया भी दी, जिसके बाद इस पुराने केस को लेकर चर्चाएं और तेज हो गईं। नीरज बवाना की पेशी के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रही। अदालत परिसर के भीतर और बाहर पुलिस अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी बनी रही। पेशी पूरी होने तक सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क नजर आईं।
करीब नौ साल पुराने इस बहुचर्चित मामले में हुई ताजा सुनवाई के बाद देवबंद और आसपास के क्षेत्रों में एक बार फिर इस केस को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब लोगों की निगाहें आगामी सुनवाई और न्यायालय की अगली कार्यवाही पर टिकी हुई हैं। डॉ. अनुज गोयल हमला मामला भले ही वर्षों पुराना हो चुका हो, लेकिन हर नई सुनवाई के साथ यह केस फिर सुर्खियों में लौट आता है। गुरुवार को नीरज बवाना की पेशी ने एक बार फिर इस हाई-प्रोफाइल मुकदमे को चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में न्यायिक प्रक्रिया इस मामले को किस दिशा में आगे बढ़ाती है।

