खेड़ा मुगल क्षेत्र में चोरों का कहर! एक ही रात में आधा दर्जन ट्यूबवेलों से स्टार्टर और केबल चोरी
- जगदेई गांव में किसानों पर दोहरी मार; खेतों से सिंचाई उपकरण चोरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल
- बेखौफ चोर, परेशान अन्नदाता! रातभर में छह किसानों के ट्यूबवेल बने निशाना, कार्रवाई की मांग तेज

देवबंद। तहसील क्षेत्र के खेड़ा मुगल चौकी अंतर्गत गांव जगदेई में चोरों ने एक बार फिर पुलिस की सतर्कता को चुनौती देते हुए बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। बीती रात अज्ञात चोरों ने करीब आधा दर्जन किसानों के ट्यूबवेलों को निशाना बनाते हुए वहां से कीमती स्टार्टर और बिजली की केबल चोरी कर ली। सुबह खेतों पर पहुंचे किसानों को जब चोरी की जानकारी हुई तो पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना के बाद प्रभावित किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों के बावजूद अभी तक किसी भी बड़े मामले का खुलासा नहीं हो सका है, जिसके चलते अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार चोरों ने गांव जगदेई में अलग-अलग स्थानों पर स्थित किसानों के ट्यूबवेलों को निशाना बनाया। बदमाश वहां से स्टार्टर और केबल निकालकर फरार हो गए। चोरी की वजह से किसानों को हजारों रुपये का नुकसान हुआ है, वहीं सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है। सुबह जब किसान अपने खेतों में पहुंचे तो ट्यूबवेलों की हालत देखकर उनके होश उड़ गए। इसके बाद गांव में चोरी की खबर तेजी से फैल गई और बड़ी संख्या में किसान मौके पर एकत्र हो गए।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पहले भी कई किसानों और ग्रामीणों को चोरी का नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन पुलिस अब तक किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। किसानों का आरोप है कि पूर्व में हुई घटनाओं का खुलासा न होने के कारण ही चोरों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि अब वे एक ही रात में कई स्थानों पर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इससे किसानों में असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है।
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घटना के बाद सभी प्रभावित किसान खेड़ा मुगल पुलिस चौकी पहुंचे और पुलिस को लिखित शिकायत सौंपते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की। पीड़ित किसानों में धर्मवीर, बबली, ऋषिपाल शर्मा, मांगेराम, दुर्गेश यादव और शिवकुमार प्रमुख रूप से शामिल हैं। किसानों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि चोरी करने वाले गिरोह का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए और क्षेत्र में रात्रि गश्त को प्रभावी बनाया जाए।
किसानों का कहना है कि जब एक ही रात में कई ट्यूबवेलों से स्टार्टर और केबल चोरी हो सकते हैं, तो यह स्थानीय पुलिस की रात्रि गश्त व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी निगरानी की जाती तो शायद इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था। किसान पहले ही मौसम की मार, बढ़ती लागत और फसलों के घटते दामों से जूझ रहे हैं। ऐसे में सिंचाई के मुख्य साधनों की चोरी उनके लिए आर्थिक रूप से बड़ा झटका साबित हो रही है। अब क्षेत्र के किसानों को उम्मीद है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही चोरों को गिरफ्तार करेगी और क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल बहाल करेगी।
रिपोर्ट: दीन रज़ा
