देहरादून में पत्रकारिता की हुंकार नेशनल वी.आई.पी. प्रेस क्लब के मंच पर जुटे दिग्गज, पूर्व सीएम 'निशंक' बोले पत्रकार लोकतंत्र की असली ताकत
- देहरादून के टाउन हॉल में पत्रकारिता का महाकुंभ नेशनल वी.आई.पी. प्रेस क्लब के 10वें स्थापना दिवस पर दिग्गजों ने भरी हुंकार
- नेशनल वी.आई.पी. प्रेस क्लब के मंच से खेल, पत्रकारिता और समाजसेवा पर मंथन; चौधरी योगेश प्रताप सिंह बोले— मजबूत समाज के लिए मजबूत मीडिया जरूरी
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का ऐतिहासिक नगर निगम टाउन हॉल रविवार को उस समय पत्रकारिता, लोकतंत्र और सामाजिक सरोकारों की बुलंद आवाज़ का केंद्र बन गया, जब नेशनल वी.आई.पी. प्रेस क्लब के बैनर तले "राष्ट्रीय गौरव सम्मान समारोह एवं 10वां स्थापना दिवस समारोह" अत्यंत भव्य, गरिमामयी और ऐतिहासिक वातावरण में संपन्न हुआ। प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले इस अज़ीमुश्शान समारोह में उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे करीब 300 से अधिक पत्रकारों, साहित्यकारों, समाजसेवियों, चिकित्सकों, शिक्षाविदों और गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रख्यात चिकित्सक डॉ. करण सिंह सैनी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथियों में उत्तराखंड सरकार के सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी, कांग्रेस की जिला उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. शाजिया नाज़, राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय सचिव चौधरी योगेश प्रताप सिंह, जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज़ाद अली, दैनिक हिंदू मेरठ के संपादक मुकेश गोयल, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर एवं वरिष्ठ पत्रकार अरशद राणा सहित अनेक विशिष्ट हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम को संगठन के संरक्षक मोहतरम राव साहब की गरिमामयी उपस्थिति ने विशेष ऊंचाई प्रदान की। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी तथा अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से देवबंद से पहुंचीं कांग्रेस की जिला उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. शाजिया नाज़ का नेशनल वी.आई.पी. प्रेस क्लब के पदाधिकारियों द्वारा फूलों के विशाल बुके और शॉल भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सरोकारों और गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की सेवा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए उन्हें "राष्ट्रीय गौरव सम्मान" से सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. शाजिया नाज़ ने कहा कि पत्रकार और समाजसेवी समाज रूपी रथ के दो मजबूत पहिए हैं। समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और उसकी आवाज़ को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना ही पत्रकारिता का वास्तविक धर्म है।
उत्तराखंड सरकार के सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने अपने विस्तृत और प्रेरणादायी संबोधन से कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों में नई ऊर्जा का संचार कर दिया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार लिखने या प्रसारित करने का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा है। एक जागरूक, शिक्षित, संवेदनशील और जिम्मेदार पत्रकार समाज को नई दिशा देने का कार्य करता है।
पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्ता और समाज के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण करना है, ताकि आम नागरिक की आवाज़ शासन के उच्चतम स्तर तक पहुंच सके उन्होंने कहा कि आज डिजिटल युग में पत्रकारिता के सामने अनेक चुनौतियां खड़ी हैं। सोशल मीडिया के दौर में सूचना की गति भले तेज हुई हो, लेकिन तथ्यों की शुद्धता, विश्वसनीयता और निष्पक्षता को बनाए रखना पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है। उन्होंने नेशनल वी.आई.पी. प्रेस क्लब द्वारा पत्रकारों को एकजुट करने और उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से उठाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संगठन पत्रकारिता की गरिमा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्य अतिथि डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और पत्रकार समाज के सच्चे प्रहरी हैं। पत्रकार समाज को सही दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने नेशनल वी.आई.पी. प्रेस क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकारों के हितों की रक्षा और उनके सम्मान के लिए संगठन द्वारा किया जा रहा कार्य अत्यंत सराहनीय है। समारोह के दौरान नेशनल वी.आई.पी. प्रेस क्लब के चेयरमैन डॉ. गुलबहार एवं प्रदेश अध्यक्ष गोपाल सिंघल ने संयुक्त रूप से सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी को पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं से संबंधित एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पत्रकारों के लिए कार्यालय की व्यवस्था, फील्ड में कार्यरत पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पत्रकारों एवं उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य एवं कल्याणकारी योजनाएं लागू करने की प्रमुख मांगें शामिल रहीं।
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय सचिव चौधरी योगेश प्रताप सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि खेल और पत्रकारिता दोनों ही स्वस्थ और मजबूत समाज की आधारशिला हैं। जिस प्रकार खेल युवाओं को अनुशासन, संघर्ष, टीम भावना और राष्ट्रप्रेम का संदेश देता है, उसी प्रकार पत्रकारिता समाज को जागरूक करने, सच्चाई सामने लाने और लोकतंत्र को मजबूत करने का कार्य करती है। एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए खेल के मैदान और पत्रकारिता का मंच दोनों मजबूत होने चाहिए। खेल जहां युवाओं को दिशा देता है, वहीं निष्पक्ष पत्रकारिता समाज और लोकतंत्र को सही रास्ता दिखाती है। रालोद नेता चौधरी योगेश प्रताप सिंह ने नेशनल वी.आई.पी. प्रेस क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान के लिए इस प्रकार के संगठनों का मजबूत होना बेहद जरूरी है। राष्ट्रीय लोकदल सदैव पत्रकारों के मान-सम्मान और उनके अधिकारों की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।
समारोह का सबसे गौरवशाली और भावुक क्षण वह रहा, जब समाज, साहित्य, पत्रकारिता, चिकित्सा और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली अनेक विभूतियों को "राष्ट्रीय गौरव सम्मान" से सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करते समय पूरे सभागार में तालियों की गूंज सुनाई दी नेशनल वी.आई.पी. प्रेस क्लब का यह आयोजन केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि पत्रकारिता की गरिमा, पत्रकारों की सुरक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की एक गंभीर और ऐतिहासिक पहल के रूप में याद किया जाएगा। जिस तरह संगठन ने राजनीति, प्रशासन और समाजसेवा की दिग्गज हस्तियों को एक मंच पर लाकर पत्रकारों के हकों की बुलंद आवाज़ उठाई, वह निस्संदेह सराहनीय और प्रेरणादायक है।
रिपोर्ट: दीन रज़ा









