नफरत की तीन पटकथाएं और पुलिस की तीन बड़ी जीत! बरेली, बिजनौर और मेरठ में सच की हुई जीत
- पाकिस्तान ज़िंदाबाद' के नारों का सच आया सामने: दो भाइयों ने मासूम बच्चे को बनाया मोहरा, पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश
- प्रधानी की कुर्सी के लिए रची 'गौकशी' की साजिश! चुनावी फायदे के लिए अपनी ही आस्था को बनाया हथियार
- लव जिहाद' के नाम पर ₹10 लाख की उगाही का खेल! लड़की ने खोली फर्जी राष्ट्रवाद की पूरी पटकथा
बरेली/खाई खेड़ा। सोशल मीडिया के इस दौर में एक वीडियो, एक अफवाह और एक झूठ पूरे समाज को आग में झोंक सकता है। उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद से सामने आया मामला इसी कड़वी सच्चाई की तस्दीक करता है। मुहर्रम के जुलूस के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो तेजी से वायरल किया गया। वीडियो में दावा किया गया कि एक मासूम बच्चा खुलेआम 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' के नारे लगा रहा है। देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर नफरत की फैक्ट्री चालू हो गई। कुछ लोगों ने पूरे मुस्लिम समाज को कटघरे में खड़ा करना शुरू कर दिया तो कुछ निर्दोष लोगों को जेल भेजने की मांग करने लगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाफिजगंज थाना पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस की तफ्तीश में जो सच सामने आया, उसने हर किसी को हैरान कर दिया। जांच में पता चला कि यह कोई देशविरोधी गतिविधि नहीं थी, बल्कि गांव का माहौल खराब करने और सांप्रदायिक तनाव फैलाने की एक सोची-समझी साजिश थी। पुलिस ने इस मामले में योगेंद्र पाल और भुवनेश कुमार नामक दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने जानबूझकर एक छोटे बच्चे को अपने मोबाइल के बिल्कुल पास खड़ा किया और उससे 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' के नारे लगवाए, ताकि वीडियो में केवल वही आवाज रिकॉर्ड हो सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जुलूस स्थल से कुछ ही दूरी पर 8 से 10 ढोल लगातार बज रहे थे। ऐसे माहौल में दूर खड़े किसी बच्चे की आवाज सुनाई देना लगभग असंभव था। आरोपियों ने तकनीक का इस्तेमाल कर ऐसा भ्रम पैदा किया, जिससे पूरे समुदाय को कठघरे में खड़ा किया जा सके। ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी पहले भी धार्मिक आयोजनों के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर चुके हैं। फिलहाल, बरेली पुलिस की मुस्तैदी की सराहना की जा रही है, जिसने समय रहते सच्चाई उजागर कर एक संभावित बड़े विवाद को टाल दिया।
प्रधानी की कुर्सी के लिए रची 'गौकशी' की साजिश! चुनावी फायदे के लिए अपनी ही आस्था को बनाया हथियार
बिजनौर। राजनीति जब नैतिकता की सीमाएं लांघ जाती है तो समाज को उसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। बिजनौर जनपद से सामने आया एक मामला यही कहानी बयां करता है। नूरपुर क्षेत्र के चांगीपुर गांव में अचानक गौकशी के अवशेष मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मामले ने देखते ही देखते सांप्रदायिक रंग ले लिया। विभिन्न हिंदू संगठनों ने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और गांव के ही एक मुस्लिम युवक हसन पर आरोप लगा दिए। लेकिन पुलिस ने जल्दबाजी में कार्रवाई करने के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की। जांच में जो खुलासा हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि गांव का मौजूदा प्रधान जगपाल, हसन से पुरानी राजनीतिक और व्यक्तिगत रंजिश रखता था। आगामी प्रधानी चुनाव को देखते हुए वह गांव में ध्रुवीकरण करना चाहता था। आरोप है कि इसी मंशा के तहत प्रधान और उसके सहयोगियों ने पूरी साजिश रची। गौकशी की घटना को अंजाम देने के बाद गाय के अवशेषों को जानबूझकर राम अवतार के खेत में डलवाया गया, ताकि शक सीधे हसन पर जाए। साजिश को और मजबूत बनाने के लिए प्रधान पक्ष के लोगों ने ही पुलिस और विभिन्न संगठनों को सूचना दी। योजना यह थी कि हसन को कानूनी पचड़ों में फंसा दिया जाए और गांव में धार्मिक ध्रुवीकरण का लाभ चुनाव में उठाया जाए। हालांकि, पुलिस की वैज्ञानिक जांच और साक्ष्यों के आधार पर पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। मुख्य आरोपी और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
लव जिहाद' के नाम पर ₹10 लाख की उगाही का खेल! लड़की ने खोली फर्जी राष्ट्रवाद की पूरी पटकथा
मेरठ। 'लव जिहाद' के नाम पर नफरत फैलाने और उगाही का एक सनसनीखेज मामला मेरठ से सामने आया है, जहां पुलिस जांच ने कथित तौर पर एक बड़े षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है। जागृति विहार एक्सटेंशन में कुछ लोगों ने एक कार को घेर लिया। कार में दो मुस्लिम युवक और एक हिंदू युवती मौजूद थी। मौके पर पहुंचे लोगों ने इसे 'लव जिहाद' का मामला बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस तीनों को थाने ले गई। करीब पांच घंटे की पूछताछ के दौरान युवती ने जो खुलासा किया, उससे पूरे मामले की दिशा ही बदल गई।
युवती ने बताया कि वह पिछले डेढ़ वर्ष से नकुल गुर्जर नामक व्यक्ति को जानती थी। आरोप है कि नकुल ने उसे एक लाख रुपये का लालच देकर दोनों युवकों को फंसाने की योजना में शामिल किया था। जानकारी के अनुसार, जीशान घरेलू कामगार उपलब्ध कराने का काम करता था। नौकरी दिलाने के बहाने युवती को उससे मिलवाया गया। मुलाकात के दौरान युवती ने पहले से तय योजना के तहत कार की तस्वीर और अपनी लाइव लोकेशन कथित साजिशकर्ताओं को भेज दी। लोकेशन मिलते ही कुछ लोग मौके पर पहुंचे और 'लव जिहाद' का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम का उद्देश्य कथित रूप से सामाजिक और राजनीतिक पहचान बनाना तथा दोनों युवकों के परिवारों से भारी रकम वसूलना था। हालांकि, युवती के बयान और पुलिस की जांच के बाद पूरी साजिश उजागर हो गई और दो युवकों को गंभीर आरोपों में फंसने से राहत मिली।



