विकासनगर हिंसा पर मौलाना महमूद मदनी का बड़ा बयान मासूम की हत्या मानवता के खिलाफ, माहौल बिगाड़ने वालों पर हो सख्त कार्रवाई
- घरों, दुकानों और मस्जिदों को निशाना बनाने का आरोप; मदनी ने गृह मंत्री अमित शाह को भेजा विस्तृत पत्र
- बुलडोजर कार्रवाई पर भी उठे सवाल, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवारों की सुरक्षित वापसी की मांग
- विकासनगर हिंसा पर जमीयत प्रमुख महमूद मदनी की चिंता, निष्पक्ष जांच और शांति बहाली की उठाई मांग
देवबंद/देहरादून। उत्तराखंड के देहरादून जनपद के विकासनगर क्षेत्र स्थित बैरागीवाला गांव में हुई विनोद हत्याकांड की घटना अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनती जा रही है। मामले को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद मौलाना महमूद मदनी ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए हत्या की कड़ी निंदा की है और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग उठाई है। मौलाना मदनी ने जारी बयान में कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति की हत्या एक गंभीर अपराध है और मानवता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। ऐसे मामलों में समाज के सभी वर्गों को पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए तथा दोषियों को कानून के अनुसार कठोर सजा दिलाने के लिए एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।
मदनी ने आरोप लगाया कि हत्या की घटना के बाद कुछ शरारती और सांप्रदायिक तत्वों ने स्थिति का फायदा उठाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और लोगों को बांटने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि अपराधियों को सजा दिलाना आवश्यक है, लेकिन किसी भी समुदाय को सामूहिक रूप से निशाना बनाना कानून और इंसाफ के खिलाफ है। उनका कहना है कि ऐसी संवेदनशील घटनाओं में प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी होती है कि वे शांति बनाए रखें और अफवाहों को फैलने से रोकें।
मौलाना मदनी ने दावा किया कि घटना के बाद मुस्लिम समुदाय से जुड़े कुछ घरों, दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। साथ ही क्षेत्र की कुछ मस्जिदों को भी निशाना बनाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि भय और असुरक्षा के माहौल के कारण कई परिवारों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। ऐसे हालात किसी भी सभ्य समाज के लिए चिंताजनक हैं और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।
जमीयत प्रमुख ने विकासनगर क्षेत्र के विधायक मुन्ना सिंह चौहान के कुछ बयानों पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को संयमित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। उनके अनुसार, तनावपूर्ण माहौल में दिए गए बयान स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना सकते हैं। मामले में आरोपी के मकान पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी मौलाना मदनी ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया और प्रशासनिक नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया है, तो उस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
मदनी का कहना है कि कानून का शासन तभी मजबूत माना जाएगा जब हर कार्रवाई संविधान और न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप हो मौलाना महमूद मदनी ने बताया कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक विस्तृत पत्र भेजा गया है पत्र में उन्होंने निम्न प्रमुख मांगें रखी हैं, विनोद हत्याकांड की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाले तत्वों पर कार्रवाई की जाए। भय के कारण पलायन करने वाले परिवारों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए। क्षेत्र में शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं।
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अपने बयान के अंत में मौलाना मदनी ने सभी समुदायों से संयम बरतने और कानून पर विश्वास बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपराधी चाहे किसी भी समुदाय से हो, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी निर्दोष व्यक्ति को निशाना बनाना या सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पूरे मामले पर लोगों की निगाहें प्रशासनिक जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से भी संयम और भाईचारे की अपील की जा रही है।
रिपोर्ट – दीन रज़ा

