देवबंद में आसमान से बरसी आग 43°C पहुंचा पारा, अगले 3 दिन भीषण 'लू' का अलर्ट
- भीषण गर्मी में प्यासा शहर, शोपीस बनीं ठंडे पानी की मशीनें पेयजल के लिए भटक रहे लोग़
- नगर के मुख्य मार्गों पर भी दूर दूर तक नज़र नहीं आता है सर्वाजनिक शीतल पय जल, जल अपूर्ति को सुचारू रखने मे नगर पालिका की विफल
- सालों से ग़ायब पड़ी ख़ानक़ाह चोकी के बराबर से ठंडे पानी की मशीन और टेंक
देवबंद। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले सहित देवबंद क्षेत्र में गर्मी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है शुक्रवार 24 अप्रैल 2026 को देवबंद में इस सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जहां पारा 43°C के आंकड़े को छू गया दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और गर्म हवाओं (लू) के थपेड़ों ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया।
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सुबह 11 बजे से ही धूप के तेवर तीखे हो गए और दोपहर 2 बजे तक अधिकतम तापमान 43°C तक पहुंच गया नमी का स्तर मात्र 12% रहने के कारण खुश्क गर्मी का अहसास ज्यादा हुआ तेज धूप और लू के डर से लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं नगर के मुख्य बाजारों रेलवे रोड, एमबीडी चौक, मक्का मस्जिद रोड, मंगलौर रोड, भायला रोड़ पर दोपहर में ग्राहकों की आवाजाही काफी कम देखी गई।
एक तरफ जहां झुलसा देने वाली इस भीषण गर्मी में तमाम एनजीओ और समाजसेवी परिंदों के लिए पानी रखने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर देवबंद नगर की चरमराई पेयजल आपूर्ति प्रशासन के दावों की पोल खोल रही है नगर में पेयजल संकट का आलम यह है कि सालों-साल बीत जाने के बाद भी व्यवस्था में सुधार के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया जाता।
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स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब तक पानी की किल्लत खबरों और चर्चाओं का विषय नहीं बनती, तब तक जिम्मेदार अधिकारी अपनी नींद से नहीं जागते ठंडे पानी की मशीनों की मरम्मत का कार्य भी तभी शुरू किया जाता है जब जनता का आक्रोश बढ़ने लगता है वर्तमान में नगर की स्थिति क्या है, इससे हर नगर वासी बखूबी वाकिफ है।
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नगर के कई ऐसे महत्वपूर्ण मार्ग और चौराहे हैं जहां पेयजल की भारी किल्लत है असगरिया मदरसा से हाईवे तक: इस पूरे रास्ते पर राहगीरों के लिए एक भी पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं है भायला फाटक से MBD चौक: यहां भी दूर-दूर तक पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है मजनू वाला रोड व स्टेशन रोड: इन व्यस्त रास्तों पर भी प्यास बुझाने के लिए कोई सार्वजनिक इंतजाम नहीं है देवबंद के मुख्य बाजार में भी पानी की किल्लत के कारण व्यापारियों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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सबसे ज्यादा मार ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले उन लोगों पर पड़ रही है जो अपने कार्यों के लिए नगर में आते हैं। सार्वजनिक पेयजल सुविधा न होने के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के लोग भी अब शुल्क देकर पानी की बोतलें खरीदने पर निर्भर हो गए हैं। नगरवासियों ने मांग की है कि मुख्य चौराहों और बाजारों में तत्काल प्रभाव से नई शीतल पेयजल मशीनें लगवाई जाएं और पुरानी मशीनों को दुरुस्त किया जाए।



