15 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट मामले में दोषी करार, अदालत ने सुनाई दो साल की सजा
- फिरौती और आतंक फैलाने के आरोप में कुर्बान को झटका, 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा
- वाहन चोर भी पुलिस के हत्थे चढ़ा, चोरी की बाइक की नंबर प्लेट बरामद
देवबंद। कानून के लंबे हाथ आखिरकार 15 साल पुराने एक चर्चित मामले तक पहुंच ही गए। गैंग बनाकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने और क्षेत्र में भय का माहौल बनाने के आरोप में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मामला वर्ष 2011 का है। उस समय देवबंद कोतवाली में तैनात निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने 31 अक्टूबर 2011 को जनपद शामली के थाना भवन क्षेत्र स्थित हिंड निवासी कुर्बान को उसके अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी पर संगठित गैंग बनाकर फिरौती जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त रहने और आम जनता में भय एवं आतंक फैलाने के आरोप थे। इन्हीं आरोपों के आधार पर उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।
करीब डेढ़ दशक तक चले न्यायिक प्रक्रिया के बाद यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश (एडीजे-05) सहारनपुर की अदालत में विचाराधीन रहा। गुरुवार को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी कुर्बान को दोषी मानते हुए दो साल के कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। न्यायालय के इस फैसले को कानून व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह संदेश देता है कि गंभीर अपराधों में शामिल लोगों को देर-सबेर न्याय का सामना करना ही पड़ता है।
इसी बीच देवबंद पुलिस को एक अन्य मामले में भी सफलता हाथ लगी है। वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान शैंकी उर्फ समर राणा निवासी गांव रणखंडी के रूप में हुई है। आरोपी को वाहन चेकिंग अभियान के दौरान रणखंडी रोड स्थित नूरपुर कट के पास से गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से चोरी की बाइक की नंबर प्लेट बरामद हुई।
कोतवाली प्रभारी कपिल देव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ देवबंद कोतवाली में वाहन चोरी के तीन मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर चोरी के अन्य मामलों की भी जानकारी जुटाने में लगी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। एक ओर जहां गैंगस्टर एक्ट के पुराने मामले में अदालत का फैसला आया है, वहीं दूसरी ओर वाहन चोरी के आरोपी की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस तथा न्याय व्यवस्था दोनों स्तरों पर कार्रवाई जारी है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और दोषियों को सजा मिलने से आम जनता का कानून पर विश्वास और मजबूत होता है।
रिपोर्ट : दीन रज़ा

