सात धाराओं मे मुकदमा दर्ज होने के 11 दिन बाद भी आरोपी, भारत, अंग्रेजों, और गद्दारों की बात कर रहा है
- जनता गुल्लक ठग गिरोह के कुछ लोग तो कथित मदनी सहाब की गोद में बैठे हैं
- मदनी मस्जिद या मस्जिद महल के दोनों पक्ष ही कानून को झुनझुना समझते हैं क्या...?
- मदनी मस्जिद या मस्जिद महल या फ़िर कासिम मस्जिद...?
देवबंद-- 09/10/2023 को दर्ज होने वाले मामले मे अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है या फ़िर मकसद बस मामाला दर्ज होने तक का ही समझा जा सकता है।
जनता गुल्लक के ठग गिरोह के गैंग से किया कभी पर्दा उठ सकेगा ये आप और हम साथ साथ देखेंगे मगर पूरे विवाद मे अब अधिक दिलचस्प ये होने वाला है कि मस्जिद पर किसके नाम का पत्थर लगेगा मदनी मस्जिद, या मस्जिद महल या फ़िर असल वारिस का नाम लिख कर विवादों का केन्द्र बनी मस्जिद को विवाद से मुक्ति मिल सकेगी।
09/10/2023 को दर्ज होने वाले मामले मे अभी तक गिरफ्तारी नहीं होने से आप को हैरानी मे जाने की कोई जरूरत नहीं है ये कहानी बहुत ही रोमांचक है क्यूंकि जनता गुल्लक गिरोह के कुछ लोग तो कथित मदनी सहाब की गोद मे बैठे हैं शायद यही कारण है कि ठग ऑफ देवबंद के गिरोह के सरदार पर 07 धाराओं मे मुकदमा दर्ज होने के 11 दिनों बाद भी आरोपी सोशल मीडिया पर भारत, अंग्रेजों और गद्दारों की बात कर रहा है।
वहीँ मदनी मस्जिद पक्ष के लोगों ने अभी तक गिरफ्तारी नहीं होने पर कोई आपत्ति सार्वजानिक नहीं की है आप जनता को इस पर कोई शक नहीं करना चाहिए कि मदनी मस्जिद पक्ष ने अपने पक्ष के काग़ज़ आला अधिकारियों को नहीं दिखाए होंगे दिखाए होते तो अभी तक स्पष्ट हो जाता कि मस्जिद पर किस नाम का पत्थर लगेगा।
पिछली ख़बर मे हमने आपको मस्जिद के नाम को खुर्द बुर्द करने वाले मामले की जानकारी दी थी लेकिन मस्जिद का नाम लिखा कब जाएगा ये बड़ा सवाल है और किया असली वारिसों का लिखा जाएगा ये देखना और भी ज़्यादा दिलचस्प होने वाला है और पूरे नगर देवबंद की नजर इस पर ही लगी है कि क्या? मस्जिद पर असल वारिसों का नाम लिखा जाएगा या नहीं? जनता गुल्लक की ठगी के शिकार लोगों को कानून से कुछ उम्मीद है कि उनकी साथ हुई ठगी का कुछ तो इन्साफ उनको मिल पाएगा मगर लगता है दोनों ही पक्ष कानून को झुनझुना समझ कर बजा रहे हैं आप भी झनकार का आनंद लेते रहें। शेष क्रमशः
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