मदनी मस्जिद और मस्जिद महल मे अब क्या असली वारिसों के नाम का बोर्ड लग पाएगा?
- मस्जिद महल या मदनी मस्जिद या फिर क़ासीम मस्जिद
- सऊदी अरबिया मे भी दो सालों तक जेल मे रहने वाले महल मस्जिद के पक्ष धर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा-420/467/471/386/323/504/506/ के आरोपी की गिरफ़्तारी का निकाला जा रहा है शुभ मुहुर्त.. सूत्र
देवबंद-- बीती ख़बर मे अपने ये तो जान ही लिया है कि मस्जिद महल और मदनी मस्जिद विवाद मे दोनो पक्ष ही असली बात आपके सामने नहीं ला रहे हैं जिसकी पुष्टि भी दोनों पक्षों मे एक पक्ष कर चुका है।
वो है मस्जिद की करोडों की संपति और मासिक आए अब सवाल ये है कि मस्जिद की संपत्ति और मासिक इन्कम किसकी तिजोरी की सही हकदार है लड़ाई बस इसी बात की है मस्जिद महल हो मदनी मस्जिद या फिर मस्जिद कासिम नमाज़ का सवाब तो नमाज़ीयों उतना ही मिलना है अगर किसी को फर्क़ पड़ता है तो वो बस मस्जिद की संपत्ति और मासिक धन राशि का मसला है।
अब ताज़ा घटनाक्रम आपके सामने है कि केसे नगर के ही एक व्यक्ति ने किस किस प्रकार से सारी जनता का बेवकूफ़ बनाया हुआ है सोशल मीडिया पर एक पोस्ट मिली जिसमें मस्जिद महल के पक्ष के सबसे ज्यादा सामने आने वाले चेहरे के साथ सोशल मीडिया पर डाला गया था।
पोस्ट मे लिखा है कि इसको पहचान लीजिए ये फ़र्जी पत्रकार है ये जनता गुल्लक से चंदा करता है और खा जाता है इसका कोई कारोबार भी नहीं है लोगों की विडियो बना कर ब्लेकमेल करने की बात भी पोस्ट मे लिखी जाती है चोरी करने के मामले मे 2 सालों तक सऊदी अरबिया की जेल मे रहने की बात बह पोस्ट मे लिखी गई है पोस्ट करने वाले यूजर मुहम्मद इस्माइल कासमी हैं इनको काफी जानकारी भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा-420/467/471/386/323/504/506/ के आरोपी की काफी अधिक जानकारी है बाकी सारा नगर तो जनता ही है।
लेकिन अब ये देखना भी अधिक दिलचस्प होने वाला है कि 07 धाराओं मे मुकदमा दर्ज होने के बाद सहारनपुर पुलिस प्रशासन अभियुक्त की गिरफ्तारी का शुभ मुहुर्त कब निकलता है और सबसे महत्वपूर्ण ये किया भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा-420/467/471/386/323/504/506/ के आरोपी को जेल की सलाखों की हवा खिलाने मे समय पुलिस प्रशासन को लगता है सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि गिरफ्तारी का मुहूर्त निकाला जा रहा है। शेष क्रमशः
.jpeg)