इस्लामिया ग्रुप ऑफ कॉलेज देवबन्द में गाँधी जी के जन्मदिन पर मनाया गया अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस
- इस्लामिया ग्रुप ऑफ कॉलेज देवबन्द में अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाने के लिए कॉलेज के ऑडिटोरियम में कार्यक्रम का आयोजन किया गया
- अहिंसा के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल दुनिया भर में अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाया जाता है
देवबंद-- अहिंसा का नाम आते ही सबसे पहले भारत और महात्मा गांधी की छवि दिमाग में आती है। महात्मा गांधी ने एक लाठी के दम पर अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया था पर यह लाठी अंग्रेजों को चोट पहुंचाने के लिए नहीं थी बल्कि अहिंसा के मार्ग पर बिना डगमगाए चलने के लिए थी।
इस्लामिया ग्रुप ऑफ कॉलेज देवबन्द में गाँधी जी के जन्मदिन पर मनाया गया अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस
कार्यक्रम के दौरान विधि विभाग से डा0 बुशरा शफीक ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 15 जून 2007 में अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाने की घोषणा की।
महासभा के सभी सदस्यों ने 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में स्वीकार किया अहिंसा दिवस को 2 अक्टूबर मनाने के पीछे वजह महात्मा गांधी है। गांधी जी की याद में उनके जन्मदिन को अहिंसा दिवस के तौर पर बनाने का फैसला लिया गया।
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अहिंसात्मक व्यवहार के कारण वैश्विक तौर पर गांधी जी को सम्मान मिला और इसी सम्मान को व्यक्त करने के लिए 2 अक्टूबर को विश्व अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। अहिंसा दिवस पर कॉलेज कैंपस में छात्र-छात्राओं द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया गया जिसमें छात्र/छात्राओं ने कैंपस को साफ किया।
इस अवसर पर छात्र/छात्राओं में विकल, कु0 आँचल, राधा, आयशा मारूफ, पूजा त्यागी, आयशा, अलीशा, रमशा, दक्ष, अलतमश, सालिम, राहुल कुमार, आदर्श कुमार, अब्दुल मालिक, अरशी, नन्दनी आदि एवं प्राध्यापकगणों में डा0 रहमत, डा0 फखरुद्दीन, सुश्री खालिदा फातिमा, श्री मुजम्मिल कमर, डा0 मौ0 अखलाक, श्री राहुल देव त्यागी, डा0 अनवर पाशा, श्री प्रवीण यादव, श्री नदीम अहमद, श्री तरुण कुमार, डा0 नर्गिस सलीम, डा0 धरेन्द्र कुमार, डा0 निशी दूबे, श्री शाकिर अली आदि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट - दीन रज़ा / इमरान शेख




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