बन्हेड़ा खास का सरकारी स्कूल बना हाईटेक, दूसरे डिजिटल बोर्ड के शुभारंभ से बच्चों की पढ़ाई में आया नया दौर
- अब वीडियो से पढ़ेंगे गांव के बच्चे बन्हेड़ा खास विद्यालय में डिजिटल शिक्षा की नई शुरुआत, चॉक-डस्टर से स्मार्ट क्लास तक का सफर
- बन्हेड़ा खास के सरकारी विद्यालय में डिजिटल शिक्षा की नई शुरुआत, दूसरे डिजिटल बोर्ड का हुआ शुभारंभ
देवबंद। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में ग्राम बन्हेड़ा खास ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। गांव के विकासशील बन्हेड़ा खास के सरकारी विद्यालय में दूसरे डिजिटल स्मार्ट बोर्ड का शुभारंभ किया गया। विद्यालय में पहले से एक डिजिटल बोर्ड संचालित था, अब दूसरे बोर्ड के लग जाने से विद्यालय की दो कक्षाओं में एक साथ डिजिटल माध्यम से पढ़ाई कराई जा सकेगी। इस अवसर पर ग्राम प्रधान डॉ. राव शारिक, बीडीसी सदस्य राव अफसर, राव कुर्बान, हारून मेम्बर, प्रदीप, साकिर सहित कई गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री राजेश कुमार एवं समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं की मौजूदगी में डिजिटल बोर्ड का विधिवत शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने डिजिटल बोर्ड के संचालन की जानकारी ली और यह देखा कि किस प्रकार इंटरनेट और आधुनिक तकनीक के माध्यम से बच्चों को पाठ्य सामग्री, वीडियो लेक्चर, एनिमेशन और प्रयोगात्मक विषयों को सरल तरीके से समझाया जा सकता है। प्रधानाचार्य श्री राजेश कुमार ने बताया कि डिजिटल बोर्ड के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई पहले की तुलना में अधिक रुचिकर, प्रभावी और आधुनिक होगी। विशेष रूप से विज्ञान, अंग्रेजी और गणित जैसे विषय, जिन्हें विद्यार्थी अक्सर कठिन मानते हैं, अब वीडियो, चित्रों और एनिमेशन के माध्यम से आसानी से समझ सकेंगे। इससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान डॉ. राव शारिक ने कहा कि यह पूरे गांव के लिए गर्व का विषय है कि उनके कार्यकाल में सरकारी विद्यालय लगातार आधुनिक सुविधाओं से जुड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में तकनीक का समावेश समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और गांव के बच्चों को भी शहरों की तरह गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय में अब दो डिजिटल बोर्ड उपलब्ध होने से शिक्षकों को भी पारंपरिक चॉक और डस्टर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पढ़ाई अधिक व्यवस्थित, आकर्षक और प्रभावशाली होगी तथा बच्चों की रुचि भी बढ़ेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी विद्यालयों में ऐसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला कदम है। उनका मानना है कि डिजिटल शिक्षा से गांव के विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे प्रतियोगी माहौल में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी विद्यालय में इसी प्रकार नई सुविधाएं जोड़ी जाएंगी, जिससे गांव के बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। यह पहल निश्चित रूप से बन्हेड़ा खास के सरकारी विद्यालय को आधुनिक शिक्षा की दिशा में एक नई पहचान दिलाएगी।
रिपोर्ट - दीन रज़ा




